हाईटेक सुविधाएँ, पेपरलेस कल्चर और अभेद्य सुरक्षा: PM मोदी ने किया ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन, साउथ ब्लॉक से शिफ्ट हुआ प्रधानमंत्री कार्यालय, जानें PMO की खास बातें

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को प्रधानमंत्री कार्यालय का ऐतिहासिक रूप से नया अध्याय शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक सुविधाओं से लैस नए कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 व कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन कर दिया।

इसके साथ ही दशकों पुरानी व्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से स्थानांतरित होकर दारा शिकोह रोड स्थित सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्ट हो गया। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया और इसे देश के प्रशासनिक ढाँचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैले और लगभग 1,189 करोड़ रुपए की लागत से बने इस परिसर को अत्याधुनिक, स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों से तैयार किया गया है। यहाँ प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी एक ही स्थान पर स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक समन्वय और निर्णय प्रक्रिया को और अधिक सुचारु बनाया जा सके।

(फोटो साभार: भास्कर)

नया पता, नई व्यवस्था: सेवा तीर्थ में शिफ्ट हुआ PMO

सेवा तीर्थ परिसर में तीन मुख्य इमारतें बनाई गई हैं। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय का मुख्यालय है, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के कार्यालय स्थापित किए गए हैं।

पहले ये सभी विभाग अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत थे, जिससे समन्वय में कठिनाई, परिचालन अक्षमताएँ और रखरखाव लागत बढ़ जाती थी। अब एक ही परिसर में सभी प्रमुख कार्यालयों के होने से कार्यप्रणाली अधिक तेज, प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सकेगी।

(फोटो साभार: दैनिक जागरण)

इसके अलावा  कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक, कॉर्पोरेट कार्य और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई अहम मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे नीति निर्माण और प्रशासनिक फैसलों में तालमेल और गति दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

हाईटेक और पर्यावरण अनुकूल: स्मार्ट ऑफिस की नई पहचान

सेवा तीर्थ को पूरी तरह हाईटेक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहाँ हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल आर्काइव्स, पेपरलेस वर्क कल्चर को बढ़ावा देने वाली प्रणालियाँ और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम बनाए गए हैं। परिसर में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, व्यापक निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना भी मौजूद है।

इससे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम वातावरण सुनिश्चित होता है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इन भवनों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। यहाँ नई ऊर्जा प्रणालियाँ, जल संरक्षण उपाय, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और बेहतर संरचनाएँ अपनाई गई हैं, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।

80 साल की विरासत को विदाई, भविष्य की ओर कदम

साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में आज अंतिम और ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इसी भवन में 15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक हुई थी।

80 वर्षों तक सत्ता और प्रशासन का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक को अब सार्वजनिक उपयोग के लिए संग्रहालय में बदलने की योजना है। नॉर्थ ब्लॉक में ‘युगे युगीन संग्रहालय’ के निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है। सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने से प्रधानमंत्री के आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

विजय चौक के पास स्थित यह नया परिसर एक आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था का प्रतीक बनकर उभरा है, जो आने वाले वर्षों में भारत की गवर्नेंस प्रणाली को नई दिशा देगा।