प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (14 फरवरी 2026) को असम के एक दिवसीय दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी पूर्वोत्तर को विकास की बड़ी सौगात दी। सुबह करीब 10:30 बजे पीएम डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरे।
यहाँ उन्होंने भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों का शानदार हवाई प्रदर्शन देखा। इसके बाद पीएम गुवाहाटी पहुँचे, जहाँ उन्होंने 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
देश को मिला पहला उत्तर-पूर्वी इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप
डिब्रूगढ़ में उद्घाटन किया गया ‘इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी’ (ELF) उत्तर-पूर्व भारत में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। इसे भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ कराई जा सके।
यह स्ट्रिप 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन वजन तक के परिवहन विमानों का भार सहने में सक्षम है। यह प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति साबित होगी।
कुमार भास्कर वर्मा सेतु: अब 7 मिनट में गुवाहाटी से नॉर्थ गुवाहाटी
प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ का भी उद्घाटन किया। करीब 3,030 करोड़ रुपए की लागत से बना यह 6-लेन का ब्रिज गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है। यह उत्तर-पूर्व का पहला ‘एक्स्ट्राडोज्ड’ ब्रिज है, जिसकी मदद से घंटों का सफर अब महज 7 मिनट में पूरा होगा। इस पुल को भूकंप प्रतिरोधी तकनीक (बेस आइसोलेशन) और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस किया गया है, जो किसी भी खतरे की रीयल-टाइम जानकारी देगा।
डिजिटल इंडिया और शिक्षा को बढ़ावा: डेटा सेंटर और IIM
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पीएम ने कामरूप जिले के अमीनगांव में नेशनल डेटा सेंटर (पूर्वोत्तर क्षेत्र) का उद्घाटन किया। यह डेटा सेंटर सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण जानकारियों को सुरक्षित रखेगा और नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएँ बेहतर ढंग से मिल सकेंगी। इसके साथ ही, पीएम ने IIM गुवाहाटी का भी उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा और प्रबंधन शिक्षा को एक नई ऊँचाई मिलेगी।
प्रदूषण मुक्त सफर: पीएम-ई-बस सेवा को हरी झंडी
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के विजन के साथ पीएम मोदी ने ‘पीएम-ई-बस सेवा’ योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में चलेंगी। इस पहल से करीब 50 लाख नागरिकों को सस्ता, स्वच्छ और भरोसेमंद परिवहन मिलेगा, जिससे शहरों में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

