महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस प्रमुख ने छत्रपति शिवाजी से की टीपू सुल्तान की तुलना, कहा- दोनों एक बराबर: FIR दर्ज, CM ने भी लिया संज्ञान

महाराष्ट्र में एक बयान को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ पुणे में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से कर हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया। भाजपा नेता धीरज घाटे की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। विवाद मालेगाँव नगर निगम में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने से शुरू हुआ।

शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना पर विवाद क्यों?

विवाद की शुरुआत मालेगाँव नगर निगम के उपमहापौर कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने से हुई। इस पर शिवसेना और अन्य संगठनों ने आपत्ति जताई। इसी मुद्दे पर मीडिया से बातचीत के दौरान हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि जिस तरह छत्रपति शिवाजी महाराज ने ‘स्वराज्य’ की स्थापना की और वीरता दिखाई, उसी तरह टीपू सुल्तान ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने टीपू सुल्तान को भारत का सच्चा सपूत और बहादुर योद्धा बताते हुए उन्हें शिवाजी महाराज के समकक्ष बताया।

इस बयान के बाद भाजपा और हिंदुत्ववादी संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। भाजपा के पुणे शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने पर्वती पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि शिवाजी महाराज को हिंदू समाज भगवान की तरह पूजता है, ऐसे में उनकी तुलना टीपू सुल्तान से करना करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना है।

पुलिस कार्रवाई और सड़कों पर विरोध

पुणे सिटी पुलिस ने हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 192, 196(1), 196(2), 352 और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका जताई गई है। मामले की जाँच जारी है।

उधर, पुणे में कॉन्ग्रेस भवन के सामने विरोध प्रदर्शन भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सपकाल और टीपू सुल्तान के पोस्टर पर काला रंग पोता और बैनर जलाए। भाजपा नेता आचार्य तुषार भोसले ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर मालेगाँव में लगी टीपू सुल्तान की तस्वीर नहीं हटाई गई तो आंदोलन और बाड़ा रूप ले लेगा।