दिल्ली में पहली बार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (IFFD) 2026 का आयोजन होने जा रहा है। 25 से 31 मार्च 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित होने वाला यह महोत्सव दिल्ली को वैश्विक सांस्कृतिक और रचनात्मक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा की। सरकार के 365 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस फेस्टिवल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है और 100 से अधिक देशों से 2000 से ज्यादा फिल्मों की एंट्री हुई हैं।
दिल्ली की रचनात्मक शक्ति का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे केवल फिल्म महोत्सव नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और आधुनिक सोच का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पूरे भारत का आईना है, जहाँ हर राज्य और संस्कृति की झलक मिलती है। IFFD के माध्यम से दिल्ली को ‘क्रिएटिव कैपिटल’ बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
Delhi humbly welcomes the film fraternity to the capital.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 25, 2026
It is an honour to host storytellers, artists and creators who enrich our cultural life and inspire millions through their craft.
IFFD welcomes you all.
The stage is set.
25–31 March 2026.
Bharat Mandapam.
Delhi awaits… pic.twitter.com/pKluPbHW9J
मुख्यमंत्री ने फिल्म उद्योग से राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ सिनेमा बनाने की अपील करते हुए कहा कि सिनेमा समाज को दिशा देने की ताकत रखता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें फिल्मों में गहरी रुचि रही है और व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद वे इस फेस्टिवल में कुछ फिल्में देखने का प्रयास करेंगी।
125 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन, बस्तियों तक पहुँचेगा सिनेमा
फेस्टिवल के दौरान 125 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। खास बात यह है कि स्क्रीनिंग केवल बड़े सभागारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दिल्ली की विभिन्न बस्तियों और इलाकों में भी स्क्रीन लगाई जाएँगी। पंजाबी, गुजराती, तमिल, तेलुगु सहित कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों को दर्शकों तक पहुँचाया जाएगा, ताकि हर वर्ग और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इसके साथ ही गाला प्रीमियर, मास्टरक्लास, इंडस्ट्री संवाद, कार्यशालाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे। सिनेएक्सचेंज फिल्म मार्केट और सिनेवर्स एक्सपो के जरिए फिल्म उद्योग से जुड़े पेशेवरों को नेटवर्किंग और निवेश के अवसर मिलेंगे।
दिल्ली को पर्यटन और फिल्म हब बनाने की तैयारी
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली को केवल ट्रांजिट डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। यशोभूमि और भारत मंडपम को इस अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए तैयार कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार की फिल्म नीति के तहत सिंगल-विंडो सुविधा, प्रोडक्शन सपोर्ट और उद्योग सहयोग के माध्यम से शूटिंग प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। सरकार की योजना है कि यह अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव हर वर्ष आयोजित किया जाए, जिससे फिल्म पर्यटन, प्रतिभा विकास, रोजगार सृजन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
IFFD 2026 को दिल्ली की नई सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखा जा रहा है, जो राजधानी को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।


