भारतीय विदेश मंत्रालय ने मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका और ईरान के संघर्ष के बीच बयान जारी किया है। सरकार का कहना है कि वो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और खास तौर पर उन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है जो वहाँ ट्रांजिट में फंस गए हैं या फिर कम समय के लिए यात्रा पर गए थे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय दूतावास और कमर्शियल दूतावास लगातार भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण उसकी पहली प्राथमिकता है।
भारतीयों के लिए एडवाइजरी और हेल्पलाइन जारी
भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही उन्हें अपने इलाके में मौजूद भारतीय दूतावास या कमर्शियल दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी पर ध्यान देने को कहा गया है।
इन देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू कर दी हैं ताकि मौजूदा हालात के कारण परेशान भारतीय नागरिकों की मदद की जा सके। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जहाँ से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है और लोगों के सवालों का जवाब दिया जा रहा है।
सरकार ने कहा है कि हेल्पलाइन और संपर्क से जुड़ी पूरी जानकारी विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
एक हफ्ते में 52 हजार से ज्यादा भारतीय लौटे
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद कई एयरलाइंस ने उड़ानें शुरू कर दी हैं। इन उड़ानों के जरिए वहाँ फंसे भारतीयों की घर वापसी भी तेजी से हो रही है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक 1 मार्च से 7 मार्च 2026 के बीच खाड़ी क्षेत्र से 52 हजार से ज्यादा भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। इनमें से करीब 32107 लोग भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों से वापस आए हैं। आने वाले दिनों में और भी उड़ानें संचालित करने की योजना है ताकि बाकी लोगों को भी जल्द से जल्द वापस लाया जा सके।
सरकार ने यह भी कहा है कि जिन देशों में अभी कमर्शियल उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ मौजूद भारतीय नागरिक नजदीकी भारतीय दूतावास या कमर्शियल दूतावास से संपर्क करें। वहाँ से उन्हें नजदीकी उपलब्ध उड़ानों और आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।

