उत्तर प्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी की अफवाहें फैलने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्यव्यापी सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान में अब समाजवादी पार्टी के नेताओं के नाम सामने आने लगे हैं। हापुड़ के बाद अब लखनऊ में भी बड़ी कार्रवाई हुई है जहाँ सपा नेता सोनू कनौजिया के रिसॉर्ट से 88 भरे हुए गैस सिलेंडर बरामद किए गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान यह खुलासा किया। जाँच में पता चला कि सोनू कनौजिया की पत्नी के नाम पर चल रही गैस एजेंसी का दुरुपयोग कर ये सिलेंडर रिसॉर्ट में अवैध रूप से छिपाकर रखे गए थे। अधिकारी बताते हैं कि इन सिलेंडरों को बाजार में काला बाजार के ऊँचे दामों पर बेचने की पूरी तैयारी थी। लखनऊ में अब तक 1,483 ठिकानों पर छापेमारी की गई है जिसमें 24 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इससे पहले, हापुड़ जिले के असौड़ा गाँव में सपा से जुड़े नेता अब्दुल रेहान (कुछ रिपोर्टों में अब्दुल रहमान) के घर पर जिला पूर्ति विभाग और पुलिस की टीम ने छापा मारा था। यहाँ से 55 भरे हुए सिलेंडर और कई खाली सिलेंडर बरामद हुए थे। आरोपित ने कथित तौर पर गैस की कमी की अफवाहों का फायदा उठाकर भारी मात्रा में स्टॉक जमा कर लिया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये सिलेंडर भारी कीमत पर बेचे जा रहे थे।
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे निर्देश पर सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। पूरे प्रदेश में यह अभियान तेजी से चल रहा है। सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। किसी भी प्रकार की समस्या या कालाबाजारी की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जहाँ शिकायतकर्ता सीधे संपर्क कर सकते हैं।
इन लगातार खुलासों ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। सत्ता पक्ष इसे सपा की जनता को परेशान करने वाली साजिश बताते हुए आरोप लगा रहा है कि विपक्षी नेता संकट की स्थिति का फायदा उठाकर काला बाजार चला रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी ने कुछ मामलों में इन नेताओं से अपने संबंधों से इनकार किया है और इसे सत्तापक्ष की राजनीतिक साजिश करार दिया है।
प्रशासन का कहना है कि भले ही आरोपित किसी भी पार्टी से जुड़ा हो, कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि ऐसे सभी जमाखोरों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सुचारू बनी रहे।

