संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के 8वें दिन राज्यसभा में एक भावुक और गरिमामयी नजारा देखने को मिला। बुधवार (18 मार्च 2026) को सदन से रिटायर हो रहे 37 सदस्यों को विदाई दी गई।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदाई भाषण देते हुए कहा कि ‘राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं होता’, यानी काम का सिलसिला हमेशा जारी रहता है। पीएम ने रिटायर हो रहे सांसदों के योगदान की सराहना की और विपक्षी नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे व शरद पवार के अनुभवों से सीखने की सलाह दी।
दिग्गज नेताओं के अनुभव की पीएम ने की सराहना
अपने संबोधन में PM मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, शरद पवार और सदन के उपाध्यक्ष रहे हरिवंश की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा जी और शरद पवार जी जैसे नेताओं ने अपनी आधी उम्र संसदीय प्रणाली में बिताई है।
PM मोदी ने जोर देकर कहा कि सदन में हर सदस्य का योगदान बराबर होता है और नए सांसदों को इन वरिष्ठ नेताओं के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि रिटायर हो रहे सदस्य भविष्य में फिर से सदन में लौटकर आएँगे।
राहुल गाँधी पर पूर्व अधिकारियों का फूटा गुस्सा
एक तरफ जहाँ सदन में विदाई का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी विवादों में घिर गए हैं। देश के 204 पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों (जिनमें 116 रिटायर्ड सैन्य अधिकारी और 84 पूर्व नौकरशाह शामिल हैं) ने राहुल गाँधी के व्यवहार पर चिंता जताई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद सहित इन दिग्गजों ने आरोप लगाया है कि राहुल गाँधी संसद की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं।

