बिहार के सारण में 10वीं कक्षा की छात्रा के गैंगरेप-हत्या केस में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और राज्य के सवर्ण आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने शीतलपट्टी गाँव का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर शोक व्यक्त किया है।
महाचन्द्र सिंह ने मृतका की माँ और बहन से मिलकर घटना की पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि इस कठिन समय में वे पूरी तरह से उनके साथ खड़े हैं।
इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गाँव के लोगों से बातचीत कर पूरे मामले की असल स्थिति को समझने की कोशिश की। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने इस घटना को अत्यंत जघन्य, अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाला अपराध बताया है।
गाँव के लोगों ने पुलिस जाँच पर गंभीर सवाल खड़े किए और निष्पक्ष व पारदर्शी जाँच की माँग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले की जाँच तय समयसीमा में CBI से कराई जाए या फिर HC के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जाँच टीम (SIT) गठित की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सख्त सजा मिल सके।
सिंह ने कहा कि यह घटना न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएँगे और उच्चस्तरीय जाँच सुनिश्चित कर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
पीड़ित परिवार का क्या था आरोप?
पीड़िता की माँ ने इस संबंध में डेरनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मृतका की माँ ने कहा था, “मेरी बेटी अपने पुराने घर पर समान लेने जाया करती हैं और बुधवार (11 मार्च 2026) को वह दोपहर के 03:00 बजे गई थी इसी बीच में पहले से घात लगाए बैठे 5 लोगों ने सामूहिक बलात्कार कर बेटी को घसीटते हुए कुएँ में डाल दिया जिससे उसकी मौत हो गई।”
पुलिस का क्या है दावा?
पुलिस अभी तक इस मामले को गैंगरेप-हत्या से जोड़कर नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रही है। बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि कुएँ में डूबने से लड़की की मौत हुई है। विनय कुमार ने कहा कि लड़का और लड़की एक ही गाँव के थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध था।

