ईद पर नहीं सजेगा संभल का विवादित जामा-मस्जिद, न होगी रंगाई-पुताई: इंतजामिया कमेटी की माँग को प्रशासन ने नकारा

उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित विवादित जामा मस्जिद को लेकर तनाव एक बार फिर चर्चा में है। जिला प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इस साल मस्जिद की रंगाई-पुताई और सजावट करने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया है।

मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने ईद के त्योहार को देखते हुए हर साल की तरह सजावट की माँग की थी, जिसे सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ठुकरा दिया गया है। इस फैसले के बाद इलाके में संवेदनशीलता बढ़ गई है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

इंतजामिया कमेटी की बढ़ी नाराजगी

मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने प्रशासन के इस कड़े रुख पर गहरी असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल ASI की मंजूरी मिलने के बाद मस्जिद को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था और पुताई भी हुई थी, लेकिन इस बार अचानक रोक लगा दी गई।

कमेटी ने प्रशासन से अपने फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की है, हालाँकि अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि मस्जिद के विवादित स्वरूप को देखते हुए कोई भी नई गतिविधि शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रशासन का तर्क

प्रशासन का मानना है कि मस्जिद से जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी तरह की अतिरिक्त सजावट या काम से इलाके की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। शांति बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर यह रोक लगाई गई है।

अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान स्थिति में किसी भी तरह के बदलाव या गतिविधि से माहौल तनावपूर्ण हो सकता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

रमजान के आखिरी जुमे पर ड्रोन से निगरानी

शुक्रवार (20 मार्च 2026) को रमजान के आखिरी जुमे की नमाज को लेकर पूरा संभल छावनी में तब्दील है। दोपहर 1:40 बजे होने वाली नमाज के लिए मस्जिद के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।