प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (23 मार्च 2026) को लोकसभा में मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और उसके भारत पर पड़ने वाले असर पर बात की। उन्होंने बताया कि देश में रेलवे नेटवर्क के लगातार विद्युतीकरण से तेल की खपत और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
ऐसे समय में जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला अनिश्चितता का सामना कर रही है, पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में किए गए संरचनात्मक सुधारों ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है।
Speaking in the Lok Sabha. https://t.co/BIrR385m4O
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
पीएम मोदी ने रेलवे नेटवर्क के बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण को डीजल की खपत कम करने का अहम कारण बताया। उन्होंने कहा कि अगर इतनी व्यापक स्तर पर विद्युतीकरण नहीं हुआ होता, तो भारत को हर साल करीब 1.8 अरब लीटर अतिरिक्त डीजल की जरूरत पड़ती। उन्होंने यह भी कहा कि इससे खासकर वैश्विक अस्थिरता के दौर में कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता और बढ़ जाती।
ऊर्जा संकट के बीच भारत को मिली राहत
पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मीडिल ईस्ट से तेल और गैस की सप्लाई में बाधा को लेकर चिंता बढ़ रही है। यह क्षेत्र भारत के ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा है। उन्होंने कहा कि डीजल पर निर्भरता कम कर और रेलवे के विद्युतीकरण के जरिए भारत ने वैश्विक झटकों के असर को कुछ हद तक कम करने में सफलता पाई है।
पीएम मोदी ने यह भी जोर दिया कि विद्युतीकरण के साथ-साथ एथेनॉल ब्लेंडिंग और रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार जैसे कदम एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं। उनका मकसद ऊर्जा के स्रोतों को विविध बनाना और बाहरी जोखिम को कम करना है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय के ये कदम अब अहम साबित हो रहे हैं, जिससे देश में ऊर्जा की उपलब्धता स्थिर बनी रहे और मीडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों के कारण होने वाले बाहरी असर से अर्थव्यवस्था सुरक्षित रह सके।

