20 मार्च को मुंबई में प्री बिड मीटिंग हुई, जिसमें एक दर्जन ड्रिलिंग कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया। कंपनी ने फरवरी में यह टेंडर जारी किया था। इस टेंडर में ड्रिलशिप और सेमी सबमर्सिबल रिग्स शामिल हैं। कंपनी ने रिग्स की तैनाती के लिए 80 दिनों का समयसीमा तय किया है।
Oil and Natural Gas Corporation plans a massive oil exploration program. The company will spend between $18 to $20 billion to hire deep-water drilling rigs. This initiative aims to boost India's energy security. ONGC is seeking a mix of drill ships and semi-submersible rigs for… pic.twitter.com/h1VoQ8iCrr
— idrw (@idrwalerts) March 25, 2026
दरअसल ये मिशन मोदी सरकार के ‘समुद्र मंथन’ मिशन का हिस्सा है जिसका मकसद देश में ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इसके तहत हाइड्रोकार्बन्स की खोज की जाएगी।
ओएनजीसी के मुताबिक, कंपनी केजी बेसिन ब्लॉक पर काम कर रही है। इसके अलावा अंडमान द्वीप समूह के अल्ट्रा डीप वाटर ड्रिलिंग ऑपरेशन शुरू की गई है। कंपनी इस काम में माहिर वैश्विक कंपनियों पेट्रोब्रास, टोटल एनर्जी, एक्सोनमोबिल जैसी कंपनियों के साथ रणनीतिक सहयोग कर रही है।

