‘चुनौतीपूर्ण समय है, अफवाहों से बचें’: मिडिल ईस्ट संकट के बीच ‘मन की बात’ में PM मोदी, जानें- पांडुलिपियों की खोज के मिशन ‘ज्ञान भारतम् सर्वे’ पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महीने के आखिरी रविवार (29 मार्च 2026) को ‘मन की बात’ के 132 वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर भी बात की। पीएम मोदी ने कहा, “मार्च का ये महीना वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है। हम सबको याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था।”

उन्होंने कहा, “हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी, लेकिन दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियाँ बनती चली गईं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है। हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूँ, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहाँ पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है।” 

अफवाह फैलाने वाले कर रहे देश का नुकसान: पीएम मोदी

उन्होंने कहा, “मैं आज ‘मन की बात’ के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूँगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।”

पीएम ने कहा “मैं सभी देशवासियों से अपील भी करूँगा कि वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएँ। सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएँ। मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएँगे।”

प्रधानमंत्री ने पांडुलिपियों पर भी की चर्चा

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के दौरान उन्होंने पांडुलिपियों की खोज के मिशन ‘ज्ञान भारतम् सर्वे’ पर बात की है। उन्होंने कहा, “मैं ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूँ जो देशवासियों की जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। ये प्रयास है- ज्ञान भारतम सर्वे, जिसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है।”

उन्होंने कहा, “इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है। इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम ‘ज्ञान भारतम ऐप’ है। आपके पास अगर कोई पांडुलिपि है, या उसके बारे में जानकारी है तो उसकी फोटो ‘ज्ञान भारतम ऐप’ पर जरूर साझा करें। हर एंट्री से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है। अब तक हजारों पांडुलिपि लोगों ने शेयर की हैं।”

PM मोदी ने कहा, “अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग जी ने ताई लिपि में पांडुलिपियाँ साझा की हैं। अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की हैं। यह हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है।”

उन्होंने बताया कि कुछ संस्थाओं ने ताड़ के पत्तों पर लिखी पांडुलिपियाँ दी हैं। PM ने कहा, “राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने कॉपर प्लेट पर लिखी बहुत पुरानी पांडुलिपियाँ शेयर की हैं। लद्दाख की हामिस मोनेस्ट्री ने तिब्बती में बहुमूल्य पांडुलिपियों के बारे में जानकारी दी है। यहाँ पर मैंने कुछ ही उदाहरण दिए हैं। यह सर्वे जून के मध्य तक जारी रहने वाला है। आप सभी से मेरा आग्रह है कि अपनी संस्कृति से जुड़े पहलुओं को सामने लाएँ और शेयर करें।”