‘भारतीय नौसेना कुछ ही मिनट में करने वाली थी पाकिस्तान पर हमला’: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बोले नेवी चीफ, बताया- कैसे सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाया था आतंकी मुल्क

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्र से हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार थी और कार्रवाई शुरू होने में महज कुछ मिनट ही बाकी थे। लेकिन ठीक उसी समय पाकिस्तान की ओर से सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया गया, जिसके बाद हालात को आगे बढ़ाने के बजाए नियंत्रित किया गया।

ऑपरेशन सिंदूर में हमले के मुहाने पर थी नौसेना

मुंबई में आयोजित नेवल इन्वेस्टिचर समारोह के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना ने बेहद तेजी से तैनाती की और पूरे समय आक्रामक मुद्रा में बनी रही। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था।

6-7 मई 2025 की रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक एयर स्ट्राइक की, जिसका मकसद आतंकियों के लॉन्चपैड और हथियारों के जखीरे को खत्म करना था।

भारत की इस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भी जवाबी हमलों की कोशिश की और भारतीय सैन्य ठिकानों के साथ रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का प्रयास किया। हालाँकि, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को नाकाम कर दिया।

इसके बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकी ठिकानों और पाकिस्तानी एयरबेसों को नुकसान पहुँचाया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नौसेना समुद्री मोर्चे पर पूरी तरह तैयार रही और हमले के लिए अंतिम चरण तक पहुँच चुकी थी।

वैश्विक समुद्री हालात और नौसेना की बढ़ती जिम्मेदारी

नौसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आज के दौर में समुद्र केवल सहायक युद्धक्षेत्र नहीं रहे, बल्कि वे रणनीतिक टकराव के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। पश्चिम एशिया, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रहे तनाव ने इसे और स्पष्ट कर दिया है।

उन्होंने बताया कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते 23 से ज्यादा व्यापारी जहाजों पर हमले हुए हैं और करीब 1900 जहाज इस क्षेत्र में फँसे हुए हैं। जहाँ पहले रोजाना करीब 130 जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 6-7 रह गई है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है।

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि मौजूदा हालात में नौसेना को हर स्तर पर तैयार रहना होगा, चाहे वह संगठनात्मक रणनीति हो, युद्धक क्षमता हो या व्यक्तिगत दक्षता।

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय नौसेना ने न सिर्फ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी ताकत दिखाई, बल्कि म्यांमार में ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ और श्रीलंका में ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ जैसे मानवीय राहत अभियानों के जरिए क्षेत्र में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका भी निभाई है।