पाकिस्तान के कराची की एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को खंडित कर दिया गया है। हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता शिव कच्छी ने शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को इस घटना का दावा किया। उन्होंने बताया कि यह हमला करीब दो दिन पहले हुआ था।
इस घटना के बाद से स्थानीय हिंदू समुदाय में काफी दुख और गुस्सा है। जिस इमारत में यह तोड़फोड़ हुई है, उसका नाम ‘सगन मेसन’ भवन है। यह इमारत आजादी से पहले यानी साल 1937 में बनाई गई थी।
इसमें हिंदू धर्म की कई बहुमूल्य मूर्तियाँ और धार्मिक प्रतीक रखे हुए हैं। हमलावरों ने न केवल मूर्तियों को तोड़ा, बल्कि इस पुरानी विरासत को भी नुकसान पहुँचाया है। पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
अध्यक्ष शिव कच्छी ने कहा कि यह केवल एक इमारत पर हमला नहीं है, बल्कि भाईचारे और लोगों की भावनाओं पर हमला है। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से माँग की है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
पुराना है हमलों का सिलसिला
साथ ही, उन्होंने इस ऐतिहासिक इमारत की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और उनके मंदिरों पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है।
यहाँ लगातार ऐसी घटनाएँ सामने आती रहती हैं। भारत इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई बार उठा चुका है। भारत ने हमेशा पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कड़े सवाल पूछे हैं।

