पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच दिल्ली में बुधवार (8 अप्रैल 2026) को चुनाव आयोग और TMC की बैठक रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। महज कुछ मिनटों में खत्म हुई इस मीटिंग के बाद चुनाव आयोग ने TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन पर बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, बैठक शुरू होते ही TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ऊँची आवाज में चिल्लाने लगे। उन्होंने कमिश्नर को अपनी बात रखने तक का मौका नहीं दिया। आयोग ने सख्त लहजे में कहा कि कमरे की एक मर्यादा होती है, जिसे सांसद ने पूरी तरह लांघ दिया। माहौल इतना बिगड़ गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को खुद सख्त हस्तक्षेप करना पड़ा।
टीएमसी का पलटवार: हमें ‘Get Lost’ कहा गया
दूसरी तरफ, डेरेक ओ’ब्रायन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका दावा है कि जब उन्होंने अधिकारियों के तबादले और निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाए, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें अपमानजनक तरीके से ‘Get Lost’ कह दिया। TMC नेताओं का कहना है कि उनके साथ बुरा बर्दाश्त किया गया है।
TMC सांसद साकेत गोखले ने आयोग के दावों को सफेद झूठ बताया। उन्होंने चुनाव आयोग को चुनौती दी कि अगर वे अपनी जगह सही हैं, तो बैठक की Video या Audio रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करें। TMC का कहना है कि वे केवल पारदर्शिता की माँग कर रहे थे, लेकिन उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं हुआ।
निष्पक्ष चुनाव का भरोसा
हंगामे के बावजूद चुनाव आयोग ने अपना रुख साफ रखा है। आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, भयमुक्त और हिंसामुक्त कराए जाएँगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी या राजनीतिक दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

