कॉन्ग्रेस शासित तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पाकिस्तान के बीच एक अजीब सा ‘कनेक्शन’ सामने आया है। सोशल मीडिया के चर्चित चेहरे अंकुर सिंह को ‘X’ (पहले ट्विटर) की ओर से एक नोटिस मिला है, जिसमें बताया गया कि पाकिस्तान सरकार ने रेवंत रेड्डी से जुड़े उनके एक पोस्ट को हटाने की माँग की है। पाकिस्तान की टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी का दावा है कि अंकुर का ट्वीट उनके देश के कानूनों का उल्लंघन करता है।
क्या था वो पोस्ट जिससे पाकिस्तान को लगी मिर्ची?
दरअसल, 17 मार्च को अंकुर सिंह ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का एक Video शेयर किया था। इस वीडियो में रेवंत रेड्डी मुस्लिम समुदाय और रमजान की तारीफ करते हुए कह रहे थे कि यह समुदाय दुनिया में शांति के लिए दुआ करता है। इस पर तंज कसते हुए अंकुर सिंह ने लिखा था कि जिस रात रेड्डी शांति की बातें कर रहे थे, उसी रात पाकिस्तान ने काबुल पर बमबारी की और एक अस्पताल में 400 निर्दोष लोगों की जान ले ली।
Yesterday, Revanth Reddy said 5 times Namaz in Ramzan is keeping the world safe and peaceful.
— Ankur Singh (@AnkurSingh) March 17, 2026
Same night Pakistan bombed Kabul and killed 400 innocents in a Drug rehabilitation hospital.
😐😐😐 pic.twitter.com/WTiF6q7vZJ
‘X’ ने नोटिस भेजकर खोली पोल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ ने पारदर्शिता बरतते हुए अंकुर सिंह को ईमेल भेजा। इसमें साफ लिखा है कि पाकिस्तान सरकार ने उनके अकाउंट (@AnkurSingh) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हालाँकि, ‘X’ ने फिलहाल इस पोस्ट पर कोई कार्रवाई करने या इसे हटाने से साफ मना कर दिया है। ‘X’ ने कहा कि वे अपने यूजर्स की अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करते हैं।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि आखिर एक कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री की तारीफ वाले Video पर पाकिस्तान इतना मेहरबान क्यों है? जब अंकुर सिंह ने रेड्डी के ‘शांति वाले दावे’ को पाकिस्तान की बमबारी से जोड़कर एक्सपोज किया, तो पाकिस्तान सरकार तुरंत कॉन्ग्रेस नेता के बचाव में उतर आई और पोस्ट डिलीट करवाने की कोशिश करने लगी।
क्या बोले अंकुर सिंह?
अंकुर सिंह ने इस नोटिस को सार्वजनिक करते हुए हैरानी जताई कि पाकिस्तान की सरकार भारतीय नेताओं से जुड़े पोस्ट पर इतनी नजर क्यों रख रही है।
Pakistan Govt wants tweet against Revanth Reddy to be deleted. https://t.co/6jxQfkHod8 pic.twitter.com/FJ7d5cCIpj
— Ankur Singh (@AnkurSingh) April 8, 2026
अंकुर सिंह ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला और एक खास राजनीतिक झुकाव की ओर इशारा बताया है। फिलहाल यह मुद्दा इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है।

