मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई देवकृष्ण पुरोहित हत्याकांड का पुलिस ने महज 36 घंटे में खुलासा कर दिया है। इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब जाँच में सामने आया कि यह हत्या किसी लूटपाट का मामला नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश द्वारा रची गई सुनियोजित साजिश थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सुपारी किलर सुरेंद्र अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
एक लाख की सुपारी देकर रची गई हत्या की साजिश
जाँच में खुलासा हुआ कि प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश के बीच लगभग 9 साल से प्रेम संबंध थे। पति से छुटकारा पाने के लिए दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। कमलेश ने अपने दोस्त सुरेंद्र को इस काम के लिए एक लाख रुपए की सुपारी दी। 31 मार्च 2026 को दोनों के बीच डील हुई, जिसमें 50 हजार रुपए एडवांस दिए गए।
सुरेंद्र 4 अप्रैल 2026 को वारदात को अंजाम देने नहीं पहुँचा, जिसके बाद आरोपितों ने उससे पैसे लौटाने को कहा। हालाँकि वह 7 अप्रैल 2026 को आया और रात के समय सोते हुए देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद इसे लूट का रूप देने के लिए घर में नकली घटनाक्रम रचा गया और प्रियंका को बंधक दिखाया गया।
बाल विवाह बना विवाद की जड़, प्रेम संबंध से बढ़ा तनाव
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के अनुसार, देवकृष्ण और प्रियंका का विवाह वर्ष 2015 में बाल विवाह के रूप में हुआ था, जब दोनों नाबालिग थे। शादी के बाद दोनों अलग-अलग अपने परिवारों के साथ रहते रहे। जब प्रियंका बालिग हुई और उसे पति के साथ रहने के लिए कहा गया, तो वह इसके लिए तैयार नहीं थी।
इसी दौरान वर्ष 2017 में प्रियंका का कमलेश से प्रेम संबंध बन गया। यह रिश्ता समय के साथ गहराता गया और पति-पत्नी के बीच विवाद का कारण बनने लगा। सामाजिक रूप से भले ही देवकृष्ण उसका पति था, लेकिन प्रियंका का झुकाव कमलेश की ओर था, जिसने अंततः इस हत्याकांड का रूप ले लिया।
लूट की झूठी कहानी से खुला राज, फरार आरोपित की तलाश जारी
घटना की शुरुआती सूचना थाना राजोद क्षेत्र के ग्राम बूंदीखेड़ी से मिली थी, जिसमें बताया गया कि कुछ बदमाश घर में घुसे, देवकृष्ण पर हमला किया, पत्नी को बंधक बनाया और कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की।
वैज्ञानिक साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के दौरान मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद सच्चाई सामने आई। प्रियंका ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रियंका और कमलेश को गिरफ्तार कर लिया, जबकि सुरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में घेराबंदी की गई है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र पहले भी चार साल जेल में रह चुका है।

