चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों को अपना बताने का दावा कर रहा है। इस पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह नकार दिया और कहा कि इन दावों से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।
दरअसल, चीन के दावों की खबरें मीडिया में फैली, जिसके बाद से भारत के विदेश मंत्रालय से इसा बारे में सवाल पूछा जा रहा था। इन सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत ने चीन की ओर से भारतीय क्षेत्रों के लिए मनगढ़ंत नाम रखने की किसी भी कोशिश को सख्ती से खारिज किया है।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह के प्रयास पूरी तरह से भ्रामक और निराधार हैं।
Our response to media queries regarding China giving fictitious names to places ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 12, 2026
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उन्होंने कहा कि चीन द्वारा झूठे दावे करना और आधारहीन कहानियाँ गढ़ने से वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता। सच्चाई यह है कि ये सभी क्षेत्र, जिनमें अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है, पहले भी भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे।
रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि चीन की ऐसी हरकतें दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने के प्रयासों को नुकसान पहुँचाती हैं। उन्होंने चीन से अनुरोध किया कि वह ऐसे कदम उठाने से बचे जो द्विपक्षीय संबंधों में नकारात्मकता लाते हैं और आपसी समझ को बेहतर बनाने की कोशिशों को कमजोर करते हैं।

