हिंदुओं पर जुल्म ढहाने वाले गोवा के सेंट फ्रांसिस जेवियर पर टिप्पणी करने के मामले में हिंदू कार्यकर्ता गौतम खट्टर के खिलाफ पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया है, ताकि वे देश से बाहर ना जा सके।
वहीं, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए हिंदू कार्यकर्ता के भाई माधव खट्टर को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस दावा कर रही है कि माधव ने वह भाषण तैयार किया था जिसे गौतम ने गोवा के कार्यक्रम में पढ़ा था।
सच्चाई बताने पर पुलिस का एक्शन और LOC
सनातन महासंघ के संस्थापक गौतम खट्टर ने 18 अप्रैल को परशुराम जयंती के अवसर पर गोवा के वास्को में आयोजित एक कार्यक्रम में सेंट फ्रांसिस जेवियर के इतिहास पर बेबाक टिप्पणी की थी।
इस भाषण के बाद से ही वे निशाने पर आ गए थे। पुलिस ने बुधवार (22 अप्रैल 2026) को बताया कि गौतम खट्टर के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद उन्हें समन भेजा गया था, लेकिन उनके हाजिर न होने पर अब देशभर में उनकी तलाश की जा रही है। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि उन्हें विदेश भागने से रोका जा सके।
भाई माधव खट्टर की गिरफ्तारी और ‘साजिश’ का आरोप
क्राइम ब्रांच ने हरिद्वार से माधव खट्टर को दबोचा है और उन्हें सह-आरोपित बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि माधव न केवल उस कार्यक्रम में गौतम के साथ मौजूद थे, बल्कि उन्होंने ही इस भाषण को लिखा और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया।
पुलिस के मुताबिक, माधव ने ही आयोजकों के साथ समन्वय किया था। फिलहाल उन्हें गोवा लाया जा रहा है जहाँ उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी।
जेवियर का वो इतिहास, जिससे आज भी कांप जाती है रूह
जिस सेंट जेवियर के खिलाफ बोलने पर आज गौतम खट्टर पर कार्रवाई हो रही है, उसका इतिहास हिंदुओं के लिए बेहद खौफनाक रहा है। 1542 में पुर्तगाली शासकों के संरक्षण में गोवा आए जेवियर का मुख्य उद्देश्य छल और बल से धर्मांतरण कराना था।
ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, जेवियर हिंदुओं और ब्राह्मणों से नफरत करता था। उसने गोवा में ऐसे कानून बनवाए जिससे हिंदुओं का जीना दूभर हो गया। जो हिंदू धर्म नहीं बदलते थे, उन्हें ‘इन्क्विजिशन’ के नाम पर जिंदा जला दिया जाता था या ऐसी यातनाएँ दी जाती थीं जिन्हें सुनकर रूह कांप जाए।

