गोवा के हिंदू कार्यकर्ताओं ने ईसाईयों के खिलाफ दर्ज कराई FIR, देवी-देवताओं पर टिप्पणी के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे: गौतम खट्टर के भाई की गिरफ्तारी का विरोध तेज

गोवा में यूट्यूबर और आर्य समाज से जुड़े गौतम खट्टर द्वारा 16वीं सदी के जेसुइट मिशनरी फ्रांसिस जेवियर को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। एक ओर जहाँ ईसाई संगठनों ने खट्टर की गिरफ्तारी की माँग करते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कुछ ईसाई यूजर्स द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में हिंदू कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में स्थानीय हिंदू कार्यकर्ताओं ने गोवा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

मापुसा पुलिस स्टेशन में शिकायत, दो लोगों के नाम शामिल

गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को हिंदू कार्यकर्ताओं का एक समूह मापुसा पुलिस स्टेशन पहुँचा और सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ करने वाले कुछ ईसाई व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बाबित फर्नांडिस और एलेसबान मार्क मस्कारेंहास नाम के दो व्यक्तियों को नामजद किया गया है।

शिकायत के साथ आरोपितों द्वारा फेसबुक पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट्स के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि 21 अप्रैल 2026 के आसपास इन व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर अत्यंत आपत्तिजनक, अपमानजनक और अशोभनीय टिप्पणियाँ कीं।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि इन टिप्पणियों में भगवान राम, माता सीता और भगवान परशुराम जैसे हिंदू धर्म के पूजनीय पात्रों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं और इससे सांप्रदायिक सौहार्द व सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपितों की यह हरकत भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत अपराध बनती है। हिंदू कार्यकर्ताओं ने पुलिस से माँग की है कि आरोपितों की पहचान कर सत्यापन किया जाए, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और सोशल मीडिया से ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए।

गौतम खट्टर के बयान से शुरू हुआ विवाद, भाई को किया गिरफ्तार

दरअसल यह पूरा विवाद पिछले सप्ताह तब शुरू हुआ था, जब यूट्यूबर और आर्य समाज से जुड़े गौतम खट्टर ने 18 अप्रैल 2026 को ‘सनातन धर्म रक्षा समिति’ के भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम के दौरान 16वीं सदी के जेसुइट मिशनरी फ्रांसिस जेवियर को ‘आतंकवादी’ कहा।

गौतम खट्टर पर आरोप है कि उन्होंने फ्रांसिस जेवियर को ‘आतंकवादी, बर्बर और क्रूर शासक’ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने में बिताया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद व्यापक विरोध, निंदा और उनकी गिरफ्तारी की माँग उठने लगी।

गोवा के कई ईसाई संगठनों ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई। जहाँ गौतम खट्टर अभी फरार बताए जा रहे हैं, वहीं उनके भाई माधव खट्टर को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया गया है। दावा किया जा रहा है कि गौतम के भाषण की तैयारी में माधव खट्टर की भूमिका थी।