पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी मरीन से जुड़ा एक बड़ा साइबर सुरक्षा मामला सामने आया है। ईरान से जुड़े माने जा रहे एक हैकर ग्रुप ने हजारों अमेरिकी मरीन के निजी डेटा को लीक कर दिया है। इस घटना के बाद सैन्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है और अमेरिकी रक्षा विभाग ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुए डेटा में 2,000 से ज्यादा मरीन शामिल हैं। वहीं, इराक के मीडिया आउटलेट शफक न्यूज ने दावा किया है कि यह संख्या 2,379 तक हो सकती है। इस रिपोर्ट में हैकर ग्रुप का नाम ‘हंडाला’ (Handala) या ‘हंजाला’ (Hanzala) बताया गया है।
🚨🇺🇸BREAKING: The Iranian hacker group Handala has released identity data of 2,379 U.S. soldiers who arrived in the Middle East to fight against Iran. pic.twitter.com/SegNBXfS89
— GBX (@GBX_Press) April 28, 2026
बताया जा रहा है कि इस ग्रुप ने एक टेलीग्राम चैनल पर अमेरिकी मरीन के नाम और उनकी निजी जानकारी शेयर की है। हैकरों का दावा है कि इस लीक के जरिए उन्होंने अपनी ‘निगरानी क्षमता’ (surveillance capabilities) दिखाई है। इसके अलावा खबरें यह भी हैं कि इलाके में तैनात अमेरिकी सैनिकों को वॉट्सऐप पर धमकी भरे मैसेज मिले जिनमें कहा गया कि उन पर नजर रखी जा रही है और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।
हैकर्स ने यह भी दावा किया है कि उनके पास इससे भी ज्यादा संवेदनशील जानकारी मौजूद है जिसमें सैनिकों के परिवार की जानकारी, घर के पते और उनकी रोजाना की गतिविधियों का ब्योरा शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और डेटा लीक किया जा सकता है।
पेंटागन ने शुरू की जाँच
इस डेटा लीक के बाद अमेरिकी रक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि सैनिकों की पहचान और उनकी लोकेशन सार्वजनिक होने से सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है। अधिकारी अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सेंध कितनी बड़ी है और हैकर्स इस डेटा तक किसी तरह पहुँचे।
जाँच एजेंसियाँ इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं अन्य सिस्टम भी तो प्रभावित नहीं हुए हैं और मौके पर मौजूद सैनिकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएँ।
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान दबाव में है और उसने अमेरिका से संपर्क किया है।

