फिर से युद्ध की तरफ बढ़ रहा मिडिल ईस्ट? ईरान-अमेरिका ने एक-दूसरे पर किए वार: कुवैत और बहरीन में मिसाइल दागने से बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के अमेरिकी सेना ने शुक्रवार (6 जून 2006) को होर्मुज की ओर बढ़ रहे चार ईरानी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्र में समुद्री यातायात के लिए खतरा बन गए थे। इसके बाद अमेरिकी बलों ने ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर हमला किया।

कुवैत हमले के बाद बढ़ा टकराव

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, ड्रोन गिराने के बाद ईरान के गोरुक और क़ेश्म द्वीप स्थित रडार ठिकानों को निशाना बनाया गया ताकि आगे होने वाले संभावित हमलों को रोका जा सके।

वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिका का दावा है कि सात में से छह मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि एक मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकी।

इससे पहले सप्ताह के दौरान कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है, जबकि अमेरिका इसे ईरान का सुनियोजित हमला बता रहा है।

बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अमेरिका जल्द ही इस मामले में कदम उठा सकता है।