‘लॉकडाउन’ में NEET पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट, Re-Exam से पहले सीक्रेट लोकेशन पर किए गए शिफ्ट: 21 जून तक रहेंगे पूरी तरह आइसोलेट

NEET-UG 2026 री-एग्जाम से कुछ हफ्ते पहले प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल सभी विशेषज्ञों को एक बेहद सुरक्षित और गोपनीय स्थान पर भेज दिया गया है। वहाँ उन्हें कड़ी निगरानी के बीच पूरी तरह बाहरी दुनिया से अलग रखा गया है। यह व्यवस्था परीक्षा में भरोसा बहाल करने और किसी भी तरह के पेपर लीक की संभावना को रोकने के लिए की गई है।

इसी साल हुए पेपर लीक विवाद के बाद मूल NEET-UG परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। मामले की जाँच कर रही CBI ने लीक केस में कई विशेषज्ञों और पेपर सेटर्स को गिरफ्तार किया है। इसके बाद अधिकारियों ने री-टेस्ट का प्रश्नपत्र तैयार करने वाले लोगों को पूरी तरह लॉकडाउन जैसी व्यवस्था में रखने का फैसला किया।

कड़ी निगरानी में रखे गए विशेषज्ञ, बाहरी दुनिया से पूरी तरह दूर

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यवस्था 21 जून को होने वाली परीक्षा तक जारी रहेगी। इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बन गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेटर्स, अनुवादकों और गोपनीय प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों को एक सुरक्षित परिसर में रखा गया है, जहाX उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्टवॉच और अन्य संचार उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

इंटरनेट की पहुँच भी बेहद सीमित कर दी गई है और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क लगभग पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। परिसर में आने-जाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति है। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी को लीक होने से रोकना है।

बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस

विशेषज्ञों को अलग-थलग रखना सुरक्षा व्यवस्था का केवल एक हिस्सा है। शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। NEET-UG 2026 री-टेस्ट 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित किया जाएगा। परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में होगी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने, उसका अनुवाद करने, मॉडरेशन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, परिवहन और वितरण तक हर चरण की अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है ताकि किसी एक व्यक्ति या समूह के पास पूरी जानकारी न हो।

प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने देशभर में परीक्षा सामग्री को सुरक्षित तरीके से पहुँचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल की संभावना पर भी विचार किया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप्स और ऑनलाइन फोरम्स पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।