गुजरात के भरूच में स्थित कथित जामा मस्जिद के तहखाने में मिली मूर्तियों के बाद प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने तहखाने का सर्वे किया है। दरअसल, हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें इस कथित मस्जिद के बंद पड़े तहखाने में हिंदू और जैन धर्म से जुड़ी प्राचीन मूर्तियाँ नजर आ रही थीं।
इस वीडियो में भगवान गणेश, हनुमान और जैन तीर्थंकर मल्लिनाथ की प्रतिमा दी थीं। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके के विभिन्न हिंदू व जैन संगठनों ने मामले की जाँच की माँग उठाई। इसके बाद प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया है और फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुरातत्व विभाग की जाँच और सामने आए दावे
पुरातत्व विभाग की टीम ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जामा मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया और तहखाने की वीडियोग्राफी भी कराई। जाँच के दौरान कुछ संरचनात्मक निशान, स्तंभों पर पारंपरिक नक्काशी और एक प्रतिमा पर संवत 1213 अंकित होने के दावे सामने आए हैं।
हालाँकि, विभाग ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इस बीच शंकराचार्य मठ के महंत स्वामी मुक्तानंद ने कहा है कि यह खोज उनके पुराने दावों को मजबूत करती है और उनका दावा है कि यह स्थान पहले जैन धर्म से जुड़ा हुआ था। उन्होंने इसे ‘जैन समरी विहार’ बताते हुए श्री चक्रधर स्वामी के जन्मस्थल से भी जोड़ा है।
News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी बीच पुरातत्व विभाग ने मस्जिद परिसर में बिना अनुमति बनाए गए अतिरिक्त ‘वजू खाने’ को हटा दिया है। इसके साथ ही एक विवादित दरवाजे को भी सील कर दिया गया है।
मस्जिद ट्रस्ट और प्रशासन की स्थिति
इसी बीच मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और निष्पक्ष जाँच की माँग की। फिलहाल पूरा मामला पुरातत्व विभाग की अंतिम रिपोर्ट पर टिका हुआ है, जिसके बाद आगे की प्रशासनिक और कानूनी दिशा तय होगी।

