ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना के मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविकों की मौत पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है। ‘पलाऊ’ के झंडे वाले जहाज पर अमेरिकी हमले के बाद से भारत ने दो बार अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है और अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो से बात कर इस मामले में भारत का कड़ा रुख दोहराया है। वहीं, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बैकफुट पर हैं और अब वो दावा कर रहे हैं कि अमेरिका ने भारतीय जहाजों पर ईरानी हमले रोके हैं।
सेटेबेलो पर अमेरिका का हमला और नाविकों की मौत
अमेरिका ने बीते बुधवार (10 जून 2026) को ओमान की खाड़ी में पलाऊ (Palau) के झंडे वाले एक तेल टैंकर ‘MT Settebello’ पर हमला किया था। हमले में जहाज के इंजन रूम में विस्फोट होने से तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि अमेरिकी सेना ने सेटेबेलो पर कार्रवाई की क्योंकि उसने अमेरिकी बलों की चेतावनी का पालन नहीं किया था। सेटेबेलो के अलावा अमेरिकी ने मारिवेक्स, जलवीर पर भी हमला किया था।
अमेरिका ने गुरुवार (11 जून 2026) को जिस जलवीर पर अटैक किया उसमें भी करीब 20 भारतीय नाविक सवार थे। इस पर गिनी-बसाऊ का झंडा लगा था। हालाँकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है। इस घटना के बाद भारत ने इस पर कड़ा प्रतिक्रिया दी।
भारत का कड़ा रुख
इस घटना के तुरंत बाद भारत ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अमेरिकी चार्ज डी’एफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी बुधवार को ही भारत का रुख साफ करते हुए कहा कि भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जाने वाले मर्चेंट जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने जेसन मीक्स को तलब किया और उन्हें अपनी गहरी चिंता से अवगत कराया है।
अमेरिका के दोबारा अमेरिका के बाद शुक्रवार (12 जून 2026) को एक बार फिर भारत ने अमेरिकी चार्ज डी’एफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया। करीब 45 मिनट तक जेसन मीक्स विदेश मंत्रालय में रहे।
#WATCH | Delhi: US Chargé d’Affaires Jason Meeks leaves from the MEA after about 45 minutes.
— ANI (@ANI) June 12, 2026
MEA summons him to lodge a protest against attacks on commercial vessels off the coast of Oman. Yesterday, yet another vessel with 20 Indian crew on board came under attack. The US… pic.twitter.com/3P1V45fozo
विदेश मंत्री जयशंकर ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो को फोन लगाया और हमलों को लेकर भारत की ओर से कड़ा विरोध जताया। जयशंकर ने X पर लिखा, “आज शाम मैंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए उन हमलों के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई। वाणिज्यिक जहाजरानी (कमर्शियल शिपिंग) के खिलाफ इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है।”
Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026
ट्रंप बोले- ईरान बना रहा भारतीय जहाजों को निशाना
भारतीय नाविकों की मौत और भारत के कड़े विरोध के बाद अमेरिका बचने के बहाने ढूँढ रहा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद बैकफुट पर आ गए हैं। वो ये तक दावा कर रहे हैं कि ईरान भारतीय जहाजों पर ड्रोन अटैक कर रहा है।
ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “बीती रात होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ईरान द्वारा किया गया ड्रोन हमला, जिसे पूरी तरह नाकाम कर दिया गया, बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्हें तुरंत अपने रवैये को सुधारना होगा।” ट्रंप जिन हमलों की बात कर रहे हैं वे हमले इन तीनों जहाजों पर हुए हमले से अलग है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को एक पोस्ट में बताया है कि ईरान वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन अटैक कर रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लिखा, “ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश में कई ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ लॉन्च किए। अमेरिकी बलों ने पिछले कुछ घंटों में उन सभी ड्रोन को मार गिराया है, जबकि इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार का यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग आवागमन के लिए खुला हुआ है।”
Iran launched multiple one-way attack drones in an attempt to strike commercial ships transiting the Strait of Hormuz. U.S. forces have downed all of them in recent hours as traffic flow through the strait continues unimpeded. The international trade corridor remains open for…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 13, 2026
ईरान ने क्या कहा?
वहीं, ईरान ने ट्रंप के इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। भारत में ईरानी दूतावास ने एक X पोस्ट में लिखा, “होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का ईरान पर लगाया गया आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। यह उस क्रूर सच्चाई से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है कि अमेरिका ने एक हफ्ते से भी कम समय में 3 भारतीय जहाजों पर हमला किया और 3 निर्दोष भारतीय नाविकों की जान ले ली। यह बेहद शर्मनाक है!”
The U.S. president's accusation against Iran regarding an Indian vessel in the Strait of Hormuz is simply baseless. It is an attempt to divert public attention from the brutal fact that the U.S. has attacked 3 Indian vessels in less than a week and killed 3 innocent Indian… https://t.co/2UiXWAMulM
— Iran in India (@Iran_in_India) June 12, 2026
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के अपने-अपने दावे हैं। लेकिन भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि दोनों की लड़ाई में भारतीय क्रू पर हमलों को बर्दाश्त नहीं जाएगा।

