प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उनका दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। ब्रातिस्लावा पहुँचने पर उनका पारंपरिक तरीके से ब्रेड और नमक से स्वागत किया गया, जो स्लोवाक कल्चर में सम्मान और मेहमाननवाजी की निशानी है।
उनके स्वागत के लिए इंडियन डायस्पोरा भी इकट्ठा हुआ, जो दोनों देशों के बीच लोगों के बीच बढ़ते रिश्तों को दिखाता है। जयश्रीराम के नारे लगे। इस दौरान लुकनिचे एन्सेम्बल ने ‘वंदे मातरम’ गाया, जो भारत के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।
Reached Bratislava.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 14, 2026
This visit provides an opportunity to deepen India-Slovakia relations and explore new avenues of cooperation.
Looking forward to productive meetings with President Pellegrini and Prime Minister Fico.@PellegriniP_@RobertFicoSVK
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह स्लोवाकिया के प्रेसिडेंट पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ अपनी मीटिंग का इंतजार कर रहे हैं, जिससे नई दिल्ली और ब्रातिस्लावा के बीच रिश्ते मजबूत होंगे।
उन्होंने कहा, “ब्रातिस्लावा पहुँच गया हूँ, यह विज़िट भारत-स्लोवाकिया रिश्तों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का मौका देती है। प्रेसिडेंट पेलेग्रिनी और प्राइम मिनिस्टर फिको के साथ अच्छी मीटिंग का इंतजार है।”
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi received a warm welcome with a rendition of "Vande Mataram" by the Lucnica Ensemble at a hotel in Bratislava, Slovakia.
— ANI (@ANI) June 15, 2026
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/5fHWOavk8C
स्लोवाकिया यूरोपीय यूनियन का सदस्य है और मध्य यूरोप में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक अर्थव्यवस्था है। इस दौरे से भारत को यूरोप के उस हिस्से में अपनी राजनीतिक और आर्थिक उपस्थिति बढ़ाने का मौका मिलेगा, जहाँ अब तक जर्मनी, फ्रांस और इटली की तुलना में भारत की सक्रियता कम रही है।
भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। स्लोवाकिया रक्षा निर्माण, आर्टिलरी सिस्टम, सैन्य इंजीनियरिंग और ड्यूल-यूज टेक्नोलॉजी में मजबूत माना जाता है। हाल के वर्षों में स्लोवाकिया ने भारतीय रक्षा तकनीकों में भी रुचि दिखाई है।
स्लोवाकिया को दुनिया की सबसे बड़ी कार-उत्पादन अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। वहां की ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन से भारतीय कंपनियों को जुड़ने का अवसर मिल सकता है। भारत निवेश आकर्षित करने और संयुक्त उत्पादन की संभावनाएँ तलाश रहा है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के एक बयान के मुताबिक, यह दौरा यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ भारत की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है। इसमें यह भी कहा गया है कि PM मोदी का यह दौरा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अप्रैल 2025 में स्लोवाकिया दौरे और AI इम्पैक्ट समिट के लिए फरवरी 2026 में पेलेग्रिनी के भारत दौरे का फॉलो-अप है।
MEA के 9 जून 2026 के बयान में कहा गया, “यह दौरा ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और ऑटोमोबाइल और रेलवे मैन्युफैक्चरिंग समेत अलग-अलग सेक्टर में स्लोवाकिया के साथ अपने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के भारत की वचनवद्धता को दर्शाता है।”
भारत रेलवे आधुनिकीकरण, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, एआई और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। स्लोवाकिया की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता भारतीय परियोजनाओं के लिए उपयोगी हो सकती है। भारत चाहता है कि यूरोपीय कंपनियाँ भारत में निवेश करें। स्लोवाक निवेशकों के लिए भारत एक बड़ा बाजार है, जबकि भारतीय कंपनियों के लिए स्लोवाकिया यूरोपीय बाजार में प्रवेश का द्वार बन सकता है।

