गुजरात के अमरेली में दादा के हाथ से 5 साल के बच्चे को खींच ले गई सिंहनी, रेस्क्यू किए गए शेर की उल्टी से मिले मासूम के अवशेष

गुजरात में गिर के सीमावर्ती अमरेली जिले के खांभा तालुका स्थित चतुरी गाँव से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार (24 जून 2026) की रात को 5 वर्षीय मासूम जियान देवकुंभारी अपने दादा के साथ दूध देने जा रहा था। इसी दौरान अचानक घने अंधेरे से निकलकर एक सिंहनी ने मासूम पर हमला कर दिया और दादा की नजरों के सामने ही उसे खींचकर जंगल की तरफ ले गई। दादा की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण लाठियाँ लेकर तुरंत दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गाँव से करीब एक किलोमीटर दूर जियान का लहूलुहान शव बरामद हुआ।

इस भयावह घटना की सूचना मिलते ही धारी गिर पूर्व के डीसीएफ विकास यादव और एसीएफ कपिल भाटिया सहित वन विभाग की टीम भारी दलबल के साथ मौके पर पहुँची। वन विभाग ने हमलावर वन्यजीव को पकड़ने के लिए रात में ही एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब 9 घंटे चले इस अभियान के बाद कुल पाँच शेरों को पिंजरे में कैद किया गया, जिनमें से एक सिंहनी को ट्रैंकुलाइज कर काबू में किया गया।

जाँच के दौरान वन विभाग ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए एक नर शेर की उल्टी में से बच्चे के शारीरिक अवशेष मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है।

इस घटना के बाद से चतुरी गाँव और आस-पास के इलाकों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। अमरेली जिले में पिछले एक महीने के भीतर शेर के हमले की यह तीसरी बड़ी घटना है।

स्थानीय प्रशासन और सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए मृतक बच्चे के मामा ने माँग करते हुए कहा, “वन विभाग की लापरवाही के कारण हमारे इलाके में ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाएँ बार-बार हो रही हैं। हमारी माँग है कि गाँव में स्थायी रूप से फॉरेस्ट गार्ड की तैनाती की जाए, यहाँ वन विभाग का एक समर्पित कार्यालय खोला जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएँ। राज्य के वन मंत्री को खुद हमारे गाँव का दौरा कर लोगों को सुरक्षा का ठोस भरोसा देना चाहिए।”

इस दुखद घटना के बाद वन विभाग ने स्थानीय लोगों के लिए एक गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने अपील की है कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोग शाम के बाद या अंधेरे में अकेले बाहर न निकलें। अगर बाहर जाना बेहद जरूरी हो, तो हमेशा दो या दो से अधिक लोग समूह में जाएँ और अपने हाथों में टॉर्च-मजबूत लाठी जरूर रखें।