डेटा नहीं चाहिए तो उसका पैसा क्यों? बिना डेटा वाले रिचार्ज 70% तक हो सकते हैं सस्ते, TRAI ने तैयार किया प्रस्ताव: जानें- कंपनियों ने विरोध में दिए थे क्या तर्क

मोबाइल फोन पर केवल कॉल और SMS की सुविधा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ऐसे मोबाइल रिचार्ज प्लान लाने की तैयारी कर रहा है जिनमें इंटरनेट डेटा शामिल नहीं होगा। बिना डेटा वाले रिचार्ज होने के कारण इन प्लान की कीमत मौजूदा रिचार्ज के मुकाबले 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो सकती है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, TRAI ने इसके लिए ‘टेलीकम्युनिकेशन कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशंस, 2026’ का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य मोबाइल ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार रिचार्ज चुनने की सुविधा देना है। नए नियमों को अंतिम रूप देने से पहले TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों और आम लोगों से सुझाव माँगे हैं।

बिना डेटा वाले रिचार्ज मिलना मुश्किल: ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ

अभी टेलीकॉम कंपनियाँ कुछ चुनिंदा अवधि के लिए ही कॉल और SMS वाले रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराती हैं। इसके कारण उन ग्राहकों को भी डेटा वाला महँगा प्लान लेना पड़ता है जिन्हें इंटरनेट की जरूरत नहीं होती।

कई बुजुर्ग, फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले लोग और दूसरा SIM रखने वाले ग्राहक मोबाइल डेटा का इस्तेमाल नहीं करते। इसके बावजूद उन्हें ऐसे रिचार्ज खरीदने पड़ते हैं जिनकी कीमत में डेटा का खर्च भी शामिल होता है।

डेटा प्लान की तरह ही मिलेंगे कॉल-SMS प्लान

TRAI के प्रस्ताव के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियाँ जिन अवधि के लिए डेटा वाले रिचार्ज प्लान देती हैं उन्हीं अवधि के लिए कॉल और SMS वाले प्लान भी उपलब्ध कराने होंगे।

अगर कोई कंपनी 7 दिन, 28 दिन, 56 दिन या 84 दिन की वैधता वाला डेटा प्लान बेचती है तो उसे इन्हीं वैधता अवधि के लिए बिना डेटा वाला कॉल और SMS प्लान भी देना होगा। इससे ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज चुन सकेंगे।

₹300 वाला रिचार्ज ₹100 से ₹150 में मिलने की उम्मीद

मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमत का बड़ा हिस्सा डेटा के लिए लिया जाता है। अनुमान है कि किसी प्लान की कुल कीमत में डेटा की हिस्सेदारी 50 से 70 प्रतिशत तक होती है। अगर कॉल और SMS वाले प्लान से डेटा हटा दिया जाता है, तो उसकी कीमत आधे से भी कम हो सकती है।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी डेटा वाले रिचार्ज की कीमत ₹300 है तो उसी वैधता वाला कॉल और SMS प्लान लगभग ₹100 से ₹150 में उपलब्ध हो सकता है। हालाँकि, प्लान की अंतिम कीमत टेलीकॉम कंपनियाँ ही तय करेंगी।

बुजुर्गों और फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को फायदा

इस बदलाव का सबसे अधिक फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जो मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते। फीचर फोन रखने वाले लोगों और बुजुर्ग ग्राहकों को केवल कॉल करने के लिए महँगा डेटा प्लान नहीं खरीदना पड़ेगा।

इसके अलावा, जो लोग अपना दूसरा SIM केवल कॉल प्राप्त करने या नंबर चालू रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी सस्ता विकल्प मिल सकेगा। घर या कार्यालय में Wi-Fi इस्तेमाल करने वाले ग्राहक भी डेटा रहित प्लान चुनकर अपने मोबाइल खर्च को कम कर पाएँगे।

नए नियम लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को अपनी व्यवस्था में बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। कंपनियाँ ही कॉल और SMS वाले प्लान की अंतिम कीमत तय करेंगी।

सस्ते कॉल-SMS प्लान के प्रस्ताव का टेलीकॉम कंपनियों ने किया था विरोध

रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने TRAI के उस प्रस्ताव का विरोध किया था जिसमें बिना डेटा वाले सस्ते कॉल और SMS प्लान अनिवार्य करने की बात थी। जून 2026 की इकोनॉमिक टॉइम्स की एक रिपोर्ट में कंपनियों के हवाले से बताया गया था किमौजूदा टैरिफ व्यवस्था में बदलाव तकनीकी रूप से सही नहीं है और इससे धोखाधड़ी तथा अनचाही कॉल बढ़ सकती हैं।

जियो ने कहा कि 4G और 5G नेटवर्क इंटरनेट प्रोटोकॉल पर चलते हैं, इसलिए वॉयस और डेटा को पूरी तरह अलग करना आसान नहीं है। वोडाफोन आइडिया ने आशंका जताई कि बिना डेटा वाले प्लान में बैकग्राउंड डेटा इस्तेमाल होने पर ग्राहकों को अतिरिक्त बिल देना पड़ सकता है। एयरटेल ने कहा कि भारत की डिजिटल सेवाएँ मोबाइल इंटरनेट पर आधारित हैं और वॉयस-ओनली प्लान डिजिटल व्यवस्था के खिलाफ होंगे।