उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक हिंदू महिला को घर बुलाकर बंधक बनाने, पिस्टल की नोक पर उसका धर्मांतरण कराने और जबरन कलमा पढ़वाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित सुल्तान सलाउद्दीन और उसकी बीवी मेहनाम बेगम को धर्मांतरण का दबाव बनाने, छेड़छाड़ एवं SC\ST एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
आरोप है कि महिला को तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, उस पर सलाउद्दीन से निकाह करने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसे धमकाया गया। मामले में शामिल मौलवी और दो अन्य आरोपित अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने, छेड़छाड़ एवं एससी/एसटी एक्ट के आरोपी दंपती को थाना मझोला पुलिस ने किया गिरफ्तार।#MoradabadPolice#UPPInNews#UPPolice pic.twitter.com/epCfzDMu9P
— MORADABAD POLICE (@moradabadpolice) July 12, 2026
दोस्ती के बहाने घर बुलाकर रची गई साजिश, फिर निकाह का बनाया दबाव
पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपने पति से अलग रह रही है और करीब तीन वर्ष पहले उसकी पहचान मेहनाम बेगम से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती होने के बाद आरोपितों ने साजिश रची। 6 फरवरी 2026 को मेहनाम बेगम महिला को विश्वास में लेकर अपने घर ले गई, जहाँ उसका शौहर सुल्तान सलाउद्दीन, एक मौलवी और दो अन्य लोग पहले से मौजूद थे।
आरोप है कि वहाँ महिला को बंधक बनाकर पिस्टल की नोक पर धर्मांतरण कराया गया और मौलवी ने उससे कई कलमे पढ़वाए। इसके बाद सलाउद्दीन ने महिला पर अपने साथ निकाह करने का दबाव बनाया, लेकिन विरोध करने पर निकाह नहीं हो सका। आरोप यह भी है कि बंधक बनाए रखने के दौरान सलाउद्दीन ने महिला के साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ की।
फरार आरोपितों की तलाश जारी, पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कराने की तैयारी
पीड़िता किसी तरह आरोपितों के चंगुल से निकलने में सफल रही, लेकिन उसने पुलिस को बताया कि बाद में रास्ते में मिलने पर आरोपितों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। SP सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, पुलिस ने सुल्तान सलाउद्दीन और मेहनाम बेगम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वहीं मामले में नामजद मौलवी और दो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस पिस्टल का इस्तेमाल महिला को धमकाने के लिए किया गया, वह लाइसेंसी है। पुलिस अब उस हथियार को अपने कब्जे में लेकर लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है।

