राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू, जानें- क्या है पात्रता और कब तक कर सकते हैं आवेदन

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान विवाद के बीच ट्रस्ट ने पहली बार पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी की पहली बैठक में पात्रता, चयन प्रक्रिया और आवेदन की समयसीमा तय कर दी गई।

इसी बीच ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच की माँग वाली याचिकाओं पर 13 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। दूसरी ओर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने दान व्यवस्था और VIP दर्शन पास को लेकर सामने आई खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि मंदिर की व्यवस्थाएँ सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

CEO पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन, 20 साल का अनुभव अनिवार्य

सर्च कमेटी ने फैसला किया है कि CEO पद के लिए आवेदन 18 जुलाई 2026 तक स्वीकार किए जाएँगे। इसके लिए ट्रस्ट एक आधिकारिक ईमेल आईडी तैयार कर रहा है, जिसके माध्यम से इच्छुक उम्मीदवार आवेदन भेज सकेंगे। आवेदन मिलने के बाद कमेटी चयनित उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर अंतिम चयन करेगी।

पात्रता के अनुसार, उम्मीदवार का ग्रेजुएट होना अनिवार्य है और उसके पास प्रशासन या वित्त क्षेत्र (Administration or finance) में कम से कम 20 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा आवेदक का हिंदू धर्म का अनुयायी होना भी आवश्यक रखा गया है।

चयनित CEO की नियुक्ति शुरुआती तीन वर्षों के लिए होगी और कार्यकाल के दौरान उसे अयोध्या में ही रहना होगा। चयन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एक सचिव भी नियुक्त किया जाएगा। ट्रस्ट का लक्ष्य अगले एक महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना है।

तीन सदस्यीय सर्च कमेटी करेगी चयन, बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच लिया गया फैसला

CEO की नियुक्ति के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी में सेवानिवृत्त जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। राष्ट्रीय राजधानी में हुई पहली बैठक में कमेटी ने योग्यता, अनुभव और चयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।

ट्रस्ट का कहना है कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में मंदिर के प्रशासनिक और परिचालन कार्यों की निगरानी के लिए एक पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति आवश्यक हो गई है। नियुक्त CEO श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दैनिक संचालन, प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी सँभालेगा।

दान विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, ट्रस्ट ने खारिज किए VIP पास और दान व्यवस्था से जुड़े दावे

इधर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान गबन के आरोपों की स्वतंत्र जाँच की माँग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहन की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

इस बीच ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने उन खबरों को गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की VIP दर्शन पास आईडी ब्लॉक कर दी है। उन्होंने कहा कि चंपत राय की आईडी से अब भी VIP पास जारी किए जा रहे हैं और व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि दान की सुरक्षा और मंदिर प्रबंधन को लेकर चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री और प्रशासन पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं और पुलिस अपना काम कर रही है।