भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को बहुत बड़ी सफलता मिली है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने सोनौली बॉर्डर के पास एक संदिग्ध अमेरिकी नागरिक को पकड़ा। यह शख्स पगडंडी के रास्ते चुपके से नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था।
पकड़े गए व्यक्ति का नाम जॉर्डन ब्राउन है। वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का रहने वाला है। वह अमेरिकी नौसेना (US Navy Seals) का पूर्व सैनिक भी रह चुका है। सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से सीमा पर एक बड़ा खतरा टल गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर पिलर नंबर 516 के पास यह कार्रवाई हुई। जवानों ने वहाँ एक मजबूत कद-काठी के विदेशी को पगडंडी से जाते देखा। जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया। इसके बाद संदिग्ध ने भागने की कोशिश की। मुस्तैद जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उसे तुरंत घेरकर पकड़ लिया।
जाँच में उसके पास से कोई वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला। तलाशी लेने पर उसके पास दो टूटे हुए मोबाइल फोन मिले। साथ ही एक चीनी पासपोर्ट और एआई (AI) ट्रांसलेशन डिवाइस भी बरामद हुआ। जॉर्डन का पकड़ा जाना सिक्योरिटी सिस्टम की सतर्कता और गाँव वालों के तालमेल का नतीजा है। इस गिरफ्तारी के बाद सीमा पर चेकिंग को और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है।
पूछताछ में जॉर्डन ब्राउन ने किए कई बड़े खुलासे
पूछताछ के दौरान जॉर्डन ब्राउन ने अपने बारे में कई बातें बताईं। उसने बताया कि वह करीब छह साल तक अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज में रह चुका है। पिछले दो सालों से वह एक प्राइवेट मिलिट्री कांट्रैक्टर के रूप में काम कर रहा था। उसके पास मिले चीनी पासपोर्ट ने जाँच एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है। वह लगातार अपने बयान बदल रहा है, 70 देशों की यात्रा करने पर भी सुरक्षा अधिकारी संदेह जता रहे हैं, जिससे एजेंसियाँ उसके हर दावे की गहराई से जाँच कर रही हैं।
जॉर्डन ने पहले कहा कि वह नवंबर 2025 में भारत आया था। उसका वीजा जनवरी 2026 में खत्म हो गया था। बाद में उसने नया बयान दिया कि उसका पासपोर्ट थाईलैंड में खो गया था। वह श्रीलंका के रास्ते समुद्री मार्ग से भारत में दाखिल हुआ था। वह पिछले कई महीनों से मुंबई, गोवा, दिल्ली, वाराणसी और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में घूम रहा था। एजेंसियाँ अब उन शहरों के CCTV फुटेज खंगाल रही हैं।
खतरनाक इरादे और पुलिस की सख्त तैयारी
जाँच में सामने आया है कि जॉर्डन का अगला लक्ष्य नेपाल और बांग्लादेश जाना था। खुफिया एजेंसियों को शक है कि वह इन देशों में माहौल बिगाड़ने के इरादे से घूम रहा था। भारत में उसकी मदद करने वाले राज, चेतन और नाज नाम के लोगों की तलाश जारी है। पुलिस उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जॉर्डन के टूटे हुए फोन से डेटा निकालने की कोशिश की जा रही है ताकि उसके असली इरादों का पता चल सके।
पिछले कुछ महीनों में यह दूसरे अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी है, इसलिए मामला बहुत गंभीर है। इससे पहले मिजोरम बॉर्डर पर भी एक अमेरिकी नागरिक को NIA ने पकड़ा था। उस पर विद्रोही गुटों को ड्रोन ट्रेनिंग देने का आरोप था। फिलहाल जॉर्डन ब्राउन को महाराजगंज जेल भेज दिया गया है। इस बारे में अमेरिकी दूतावास को भी सूचना दे दी गई है। भारतीय एजेंसियाँ इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने में जुटी हैं।

