मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का प्रभार अपने हाथ में ले लिया है। उन्होंने यह विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से वापस लिया है। इस बदलाव की घोषणा सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार (14 जुलाई 2026) की देर रात जारी आदेश के जरिए की गई। लखन पटेल को अब दूसरे विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालाँकि, सरकार ने इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद लिया गया फैसला
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में सभी मंत्रियों के कामकाज की अलग-अलग बैठकों के जरिए समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने हर विभाग के प्रदर्शन का आकलन किया। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत प्रस्तावित गौशालाओं की शुरुआत नहीं हो पाने के बाद लखन पटेल के प्रदर्शन पर विशेष रूप से सवाल उठे।
बताया जा रहा है कि इस समीक्षा की रिपोर्ट भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी साझा की गई है, जिसके बाद आने वाले हफ्तों में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
लखन पटेल का राजनीतिक सफर और विभाग का महत्व
लखन पटेल दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से भाजपा के दूसरे कार्यकाल के विधायक हैं और बुंदेलखंड क्षेत्र के ओबीसी नेता माने जाते हैं। 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्हें पहली बार विधायक रहते हुए मोहन यादव सरकार में मंत्री बनाया गया था। तब से वे पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
ताजा फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री खुद इस विभाग की निगरानी करेंगे। यह विभाग डेयरी उत्पादन, पशुधन कल्याण और ग्रामीण आजीविका के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाना और मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल करना मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है।
दो वर्षों में दूसरी बार हुआ ऐसा बदलाव
पिछले दो वर्षों में यह दूसरी बार है जब पहली बार मंत्री बने किसी नेता से बड़ा विभाग वापस लिया गया है। इससे पहले जुलाई 2024 में कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान को वन विभाग से हटाकर अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
बाद में वन विभाग का प्रभार रामनिवास रावत को सौंपा गया, जिन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उस समय नागरसिंह चौहान ने इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी और इस्तीफा देने की बात भी कही थी।
आगे और कैबिनेट फेरबदल की संभावना
ताजा फेरबदल के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट में आगे भी मंत्रियों के विभागों में बदलाव कर सकते हैं। इस फैसले के साथ ही मोहन यादव अब सीधे 11 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, जनसंपर्क, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज संसाधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग शामिल हैं।

