क्या समाधान नहीं हिंसा ही चाहते हैं कॉकरोच? सरकार ने 4 बार दिया बातचीत का ऑफर, CJP ने हर बार ठुकराया: 24 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान

जंतर मंतर पर जुटे सीजेपी प्रदर्शनकारियों से सरकार ने अब तक 4 बार बातचीत का ऑफर दिया है। केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार के लिए चर्चा के लिए हमेशा तैयार है और अब तक 4 बार हम फोन कर चुके हैं, लेकिन जवाब नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी जेपी नड्डा के आवास या किसी भी कार्यालय में आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ” आप बातचीत के लिए आइए, आपके साथ चर्चा में नड्डा जी और मैं रहूँगा और इससे ही समाधान की ओर बढ़ सकते हैं। आप चाहे तो नड्डाजी के घर या किसी भी कार्यालय में आ सकते हैं, जैसा आप चाहें।”

उन्होंने कहा कि युवा मित्रों के लिए सरकार का खुला निमंत्रण है। आप अपनी सुविधा के मुताबिक, किसी भी समय और सभी मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। हम तैयार हैं।

सरकार छात्रों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। यह भी उस कदम का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विनम्रतापूर्वक आपसे अनुरोध है कि आप आएँ और चर्चा में हिस्सा लें।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं के हितों को सर्वोपरि माना है। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में फास्ट्र ट्रेक के तहत सुनवाई कराने की घोषणा की है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

दूसरी तरफ केन्द्रीय मंत्री के प्रस्ताव को कॉकरोच जनता पार्टी ने ठुकरा दिया है। बुधवार को भी बातचीत के न्योते को इनलोगों ने ठुकराया था। इनका कहना है कि बातचीत जंतर मंतर या कॉन्स्ट्यूटूशन क्लब जैसे जगहों पर होनी चाहिए। उन्होंने कह दिया है कि सरकार को उनके पास आना होगा।

24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी सीजेपी

कॉकरोच जनता पार्टी अपने आंदोलन को दिल्ली के बाहर ले जाना चाहती है। वह दिल्ली के जंतर मंतर तक खुद को समेट कर नहीं रखना चाहती, यही वजह है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने 24 जुलाई को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसका नारा ‘हर जिला, एक दिन, एक माँग’ रखा गया है। दरअसल पार्टी सरकार को अपने हर शर्त मनवाना चाहती है।

कॉकरोच समर्थकों को लगता है कि जंतर मंतर पर जिस तरह से जुट गए उसी तरह पूरे देश के लोग उनके साथ आ जाएँगे। लेकिन मुद्दा तो तय कर लो। नीट पेपर लीक के मुद्दे पर कैसे लड़ सकते हैं, क्योंकि रिनीट होकर रिजल्ट के रूप में इसका समाधान भी हो चुका है।

पेपर लीक सिर्फ एक सरकार, एक राज्य का मामला नहीं है। इस पर दलगत भावना से ऊपर उठ कर काम करने की जरूरत है। पूरा देश पेपर लीक के खिलाफ है। पीएम मोदी ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा जल्दी देने के लिए फास्ट टेक बनाने की बात कही है। इस लिए लड़ने में नहीं, मिलजुल कर बातचीत से हल निकालने में ही छात्रों की भलाई है। लेकिन, अब कॉकरोच के नेताओं को वार्ता स्थल को लेकर दिक्कत आ रही है।

कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के मुताबिक, यूनियन मिनिस्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम कहीं भी बातचीत कर सकते हैं, तो हमने अपना सुझाव पहले ही दे दिया है। जंतर-मंतर या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया जैसी किसी न्यूट्रल जगह पर आएँ। हम वहीं मिलेंगे।

इससे पहले केन्द्रीय मंत्री नड्डा के घर पर सीजेपी के दो नेता सरकार के बुलावे पर गए थे और उनकी बातचीत हुई थी। इस दौरान जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह ने प्रदर्शनकारी नेताओं को आश्वासन दिया था कि वे सरकार से उनकी माँगों की जानकारी देंगे। सीजेपी बीते महीने से जंतर-मंतर पर पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है।