योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 23 अगस्त 2026 को सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए खाना बनाने वाली रसोइया माताओं-बहनों के लिए कई बड़ी घोषणाएँ कीं। इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ‘रसोइया सामाजिक सुरक्षा‘ के तहत भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक समझौता हुआ, जिसके तहत रसोइयों और उनके परिवारों को ₹2 लाख तक की दुर्घटना बीमा सहायता मिलेगी।
यह समझौता बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा और एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने मुख्यमंत्री के सामने ही एक-दूसरे को सौंपा। यानी योगी सरकार ने रसोइयों को सिर्फ मानदेय या सम्मान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके पूरे परिवार की सुरक्षा को भी योजना में शामिल कर लिया।
पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड के वितरण हेतु लखनऊ में आयोजित समारोह में…https://t.co/6sqdfpgYK1
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 23, 2026
3.50 लाख से ज्यादा रसोइयों को मिलेगा कैशलेस इलाज
इस कार्यक्रम में प्रदेश के करीब 3.53 से 3.54 लाख पीएम पोषण रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड बाँटने की शुरुआत भी हुई। इसका मतलब है कि अब इन रसोइयों और उनके परिवार को हर साल ₹5 लाख तक का इलाज मुफ्त में मिल सकेगा। बरसों से स्कूल की रसोई में बच्चों के लिए खाना बनाने वाली इन महिलाओं के लिए यह राहत की बड़ी खबर है, क्योंकि अब तक बीमारी का खर्च उनके लिए एक चिंता का विषय रहा है।
योगी सरकार समय-समय पर रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी करती रही है। 2019 में इसे बढ़ाकर ₹1,500 किया गया था, फिर 2022 में यह ₹2,000 हुआ। अब इसमें ₹1 हजार और जोड़कर इसे ₹3,000 महीना कर दिया गया है। साथ ही रसोइयों को यूनिफॉर्म के लिए ₹500 और ग्लव्स के लिए ₹400 भी दिए जाने की बात सामने आई है।

सम्मान भी, सहूलियत भी
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 रसोइयों को खास तौर पर सम्मानित किया। उन्हें कैशलेस चिकित्सा कार्ड, बढ़े हुए मानदेय का चेक और परिधान किट सौंपी गई। ये सभी रसोइया प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आई थीं।
इनमें सीतापुर की किरन देवी, लखनऊ की आशा तिवारी, गोरखपुर की सुनीता और रेखा देवी, अलीगढ़ की सुदेश देवी और पिंकी देवी, वाराणसी की सरिता दीक्षित, हरदोई की गीता देवी, लखीमपुर खीरी की सीमा सिंह, उन्नाव की खिलाना और रायबरेली की रेखा शामिल थीं।
यह कार्यक्रम सिर्फ लखनऊ तक ही सीमित नहीं रहा। पूरे प्रदेश से करीब 1500 रसोइयों ने इसमें हिस्सा लिया। साथ ही जिला और तहसील स्तर पर भी रसोइया सम्मान समारोह हुए, जहाँ सांसद, मंत्री, विधायक और तमाम जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बच्चों के पोषण से लेकर परिवार की सुरक्षा तक
कार्यक्रम में पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों पर बनी एक छोटी फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने कई स्टॉल घूमकर देखे और योजनाओं की जानकारी ली। बच्चों ने उन्हें ‘निपुण तराजू’ के बारे में बताया और मीना मंच के स्टॉल पर कुछ बच्चियों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने छह महीने की अनीता और मो. अली को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया और उन्हें खिलौने भी भेंट किए।
#WATCH लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। pic.twitter.com/wXh2JCuNXN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 23, 2026
सच कहा जाए तो सरकारी स्कूलों में रसोइयों का काम सिर्फ खाना बनाना भर नहीं है। पीएम पोषण योजना के तहत ये महिलाएँ रोजाना लाखों बच्चों तक भोजन पहुँचाने की पूरी व्यवस्था की रीढ़ हैं। शायद इसी वजह से मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें इस योजना की ‘आधारशक्ति’ तक कह डाला।
सरकार ने रसोइयों के लिए सम्मान से लेकर सुरक्षा तक का पूरा पैकेज एक साथ सामने रख दिया है। स्कूल की रसोई में बच्चों के लिए दिन-रात खाना बनाने वाले इन हाथों को अब स्वास्थ्य और परिवार की सुरक्षा का भी सहारा मिले, योगी सरकार की तरफ से ऐसी कोशिश की गई है।

