छात्र आंदोलन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं की झारखंड पुलिस से झड़प, 8-10 हिरासत में: प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए ‘ढपली गैंग’ ने बनाया अलग मंच

झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार (8 अगस्त 2026) को JPSC छात्रों के समर्थन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने रांची में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला, जहाँ पुलिस के साथ हुई झड़प में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, JPSC छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए ABVP की झारखंड इकाई ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने का फैसला किया। मार्च डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से शुरू हुआ और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें सिदो-कान्हू पार्क के पास रोक दिया।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने और बैरिकेड तोड़कर निकलने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में ABVP के कुछ पदाधिकारी भी शामिल हैं।

नेहा बोरा के ढपली गैंग ने बनाया अपना अलग मंच

इसी बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ढपली गैंग सोरेन सरकार के कंट्रोल्ड विपक्ष की तरह काम कर रही है। यहाँ इनलोंगों ने अपना अलग ही मंच तैयार किया हुआ है, जबकि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने इन्हें अपने मंच पर जगह देने से साफ इंकार किया था।

गौरतलब है कि शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को संबोधित करने के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने उसे मंच से नीचे उतार दिया था और उन पर स्याही फेंकी थी।

बोरा अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पर पहुँची थीं। हालाँकि उनकी मौजूदगी का प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने विरोध किया। आंदोलनकारी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनका आंदोलन किसी भी राजनीतिक दल या बाहरी संगठन से पूरी तरह अलग रहेगा।

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर अड़े छात्र

JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्र 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन की मुख्य वजह 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर उठे सवाल हैं। छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की माँग के साथ भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई है।

प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि मामले की जाँच CBI से कराई जाए या फिर झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों की समिति बनाकर स्वतंत्र जाँच कराई जाए। इसके साथ ही JPSC और JSSC में व्यापक सुधार तथा भविष्य की भर्ती परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग भी आंदोलन का हिस्सा है।

आंदोलन के दौरान छह प्रदर्शनकारियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू की है। छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल ले जाया गया। वहीं झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी भूख हड़ताल पर हैं। सोनम वांगचुक की अपील के बाद उन्होंने पानी पीना स्वीकार किया, लेकिन आंदोलन जारी है।

सरकार से बातचीत हुई, लेकिन नहीं निकला समाधान

छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की है। शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। छात्रों ने बैठक में अपनी प्रमुख माँगें विस्तार से रखीं।

सरकार की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों की माँगें गंभीर हैं और इन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखा जाएगा। शनिवार को सरकार ने अलग-अलग छात्र संगठनों और आंदोलन से जुड़े अन्य समूहों से भी बातचीत की। हालाँकि बातचीत के बाद भी छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया।

प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि सरकार ने उनकी बात सुनी जरूर है, लेकिन किसी माँग पर तत्काल कार्रवाई या स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है। इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।