‘विकसित भारत की यात्रा में आपकी भूमिका बहुत बड़ी’: IIT दिल्ली में युवाओं को PM मोदी का संदेश, दीक्षांत समारोह में छात्रों को दी डिग्री; ‘परम प्रज्ञा’ का किया उद्घाटन

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली का 57वाँ दीक्षांत समारोह शनिवार (8 अगस्त 2026) को आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 3036 छात्रों को डिग्री प्रदान की और मेधावी छात्रों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया।

PM मोदी ने IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में मौजूद AI आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन भी किया। इस मौके पर संस्थान ने अपनी पढ़ाई, रिसर्च, पेटेंट और स्टार्टअप से जुड़ी उपलब्धियों की भी जानकारी दी।

PM मोदी ने कहा आज से शुरू हो रही जीवन की नई यात्रा

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश के प्रतिभाशाली युवाओं के जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के जीवन का यादगार पल है और इस उत्साह, उमंग, सपनों और भावनाओं से भरे अवसर का हिस्सा बनना उनके लिए भी खास अनुभव है।

PM मोदी ने छात्रों से कहा, “आज दुनिया का सामरिक समीकरण बहुत तेजी से बदल रहा है, वैश्विक शक्ति संतुलन भी बहुत तेजी से बदल रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत है टेक्नोलॉजी की स्पीड। आज कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि अगले 20-30 वर्षों की दुनिया कैसी होगी।”

उन्होंने कहा, “जीवन में चेतना बनाए रखिए, जो बातें बिना सोचे-समझिए स्वीकार कर ली जाती हैं, उन्हें परखिए, उन पर सवाल उठाइए। लेकिन सिर्फ सवाल पूछकर मत रुकिए, उनका समाधान खोजना का साहस भी रखिए। यही सोच आपकी अलग पहचान बनाएगी।”

उन्होंने कहा, “जब-जब बदलावों का दौर आता है, तब-तब चुनौतियाँ भी आती हैं और नए अवसर भी पैदा होते हैं। दुनिया भी बदलेगी, टेक्नोलॉजी भी बदलेगी, उद्योग भी बदलेगी, पेशे भी बदलेंगे। लेकिन इन सबके बीच जो सीखेगा, वो जीतेगा।”

उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी के सामने अलग चुनौतियाँ और दायित्व होते हैं। देश ने गुलामी का दौर देखा और उस समय की पीढ़ी के सामने आजादी हासिल करना सबसे बड़ा लक्ष्य था। इसके लिए लोगों ने लंबा संघर्ष किया और त्याग व बलिदान दिए।

PM ने कहा, “आज की पीढ़ी की चुनौतियाँ और जिम्मेदारियाँ अलग हैं। अगले 30-35 साल में आप जो करेंगे, वह विकसित भारत की यात्रा को प्रभावित करेगा। आपके निर्णय का आधार ये भी होना चाहिए कि इससे देश को क्या फायदा होगा, कौन-सी जरूरत पूरी होगा।”

उन्होंने छात्रों से कहा, “विकसित भारत की यात्रा में आपकी भूमिका बहुत बड़ी है।” प्रधानमंत्री ने छात्रों को बदलती तकनीक के दौर के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने AI और आधुनिक तकनीक के बढ़ते महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि परम प्रज्ञा जैसी सुविधाएँ देश के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को नई ताकत देंगी। उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहने और नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया।

3036 छात्रों को डिग्री, 587 छात्रों को PhD

IIT दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी के मुताबिक, इस साल कुल 3036 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 587 PhD, 567 MTech और 1049 BTech छात्र शामिल हैं। यह संस्थान के लिए PhD डिग्री की रिकॉर्ड संख्या बताई गई है।

समारोह में मेधावी छात्रों को कई प्रतिष्ठित गोल्ड मेडल भी दिए गए। इनमें प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल, डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल, डॉ शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल शामिल हैं।

संस्थान के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 600 करोड़ रुपए की प्रायोजित रिसर्च परियोजनाओं पर काम हुआ। पिछले एक साल में 196 नए पेटेंट दाखिल किए गए और 26 नए स्टार्टअप शुरू हुए। IIT दिल्ली ने देश के 18 NITs के साथ अकादमिक और रिसर्च सहयोग के लिए MoU भी किया है। इसके अलावा 30 देशों के साथ 88 सक्रिय अंतरराष्ट्रीय समझौते हैं।

AI सुपरकंप्यूटर परम प्रज्ञा क्यों खास?

दीक्षांत समारोह में IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित AI आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम परम प्रज्ञा का उद्घाटन किया गया। यह सुविधा नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन के सहयोग से तैयार की गई है।

संस्थान के मुताबिक इसकी क्षमता 250 पेटाफ्लॉप्स बताई गई है। इसका इस्तेमाल AI, डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, विज्ञान, इंजीनियरिंग और दूसरे क्षेत्रों में रिसर्च के लिए किया जाएगा। सुपरकंप्यूटर की करीब 60 प्रतिशत क्षमता IIT दिल्ली के शोधकर्ता इस्तेमाल करेंगे, जबकि करीब 40 प्रतिशत क्षमता दूसरे संस्थानों के शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी।

इसका मतलब है कि बड़ी और जटिल गणनाओं के लिए वैज्ञानिकों को ज्यादा कंप्यूटिंग ताकत मिलेगी। AI मॉडल की ट्रेनिंग, बड़े डेटा का विश्लेषण और वैज्ञानिक सिमुलेशन जैसे काम तेजी से किए जा सकेंगे।

IIT दिल्ली ने इस दिशा में 18 NITs के साथ ALIGN (एकेडेमिक लिंकेज फॉर इनोवैशन एण्ड नैशनल ग्रोथ) पहल भी शुरू की है। इसके तहत छात्र और शिक्षक संयुक्त शोध, प्रोजेक्ट, थीसिस, अकादमिक आदान-प्रदान और साझा रिसर्च सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। संस्थान का कहना है कि यह पहल IIT दिल्ली को IIT Delhi 2.0 की दिशा में आगे बढ़ाने का हिस्सा है।