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कोई नहीं जानता दिल्ली दंगों में कितने मरे, ध्यान भटकाने के लिए कोरोना का हल्ला: ममता बनर्जी

"कोई नहीं जानता है कि दिल्ली दंगा में कितने लोगों की मौत हुई। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वे (केंद्र सरकार) टीवी चैनल की मदद से कोरोना वायरस का हौवा खड़ा कर रहे हैं। उनका मकसद है कि लोग यह नहीं पूछें कि वास्तव में कितने लोगों की मौत हुई है।"

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस का संक्रमण अब तक दुनिया के ज़्यादातर देशों तक पहुँच चुका है। भारत भी कोरोना से प्रभावित देशों में से एक है। भारत में यह संक्रमण पहली बार केरल में सामने आया था। एक ओर इसे लेकर जहाँ लोगों में खौफ बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल वायरस पर भी मौक़ा चूकने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इन्हीं में से एक नाम है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का। ममता बनर्जी का कहना है कि कोरोना वायस को लेकर देश में जानबूझकर डर का माहौल बनाया जा रहा है, ताकि दिल्ली में हुई हिंसा से ध्‍यान भटकाया जा सके।

दरअसल, आज ही कोरोना वायरस की गंभारीता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने होली मिलन समारोह में नहीं शामिल होने का फैसला किया है। ममता बनर्जी ने कोलकाता में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “कोई नहीं जानता है कि दिल्ली दंगा में कितने लोगों की मौत हुई। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वे (केंद्र सरकार) टीवी चैनल की मदद से कोरोना वायरस का हौवा खड़ा कर रहे हैं। उनका मकसद है कि लोग यह नहीं पूछें कि वास्तव में कितने लोगों की मौत हुई है।”

‘BJP वाले बंगाल में चूहा काटने पर भी करवाते हैं CBI जाँच’

केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल में चूहा भी काट ले तो ये लोग (BJP वाले) सीबीआई जाँच की माँग करते हैं। वहीं, दिल्ली में इतने लोगों की हत्या हुई, इसको लेकर कोई न्यायिक जाँच नहीं हुई। मैं सुप्रीम कोर्ट के जजों के द्वारा न्यायिक जाँच की माँग करती हूँ।”

इस क्रम में ममता बनर्जी ने कुछ ऐसे न्यूज़ चैनल्स, जिन पर कोरोना वायरस की खबरों को प्रमुखता से दिखाया जा रहा है, पर भी बरसते हुए उन्हें भी आड़े हाथों लिया,। उन्‍होंने कहा, “आज कुछ लोग कोरोना-कोरोना चिल्‍ला रहे हैं। हाँ, यह खतरनाक बीमारी है, लेकिन इसे लेकर डरने की कोई जरूरत है। कुछ चैनल इस पर बढ़ा-चढ़ाकर रिपोर्ट कर रहे हैं और इसकी आड़ में दिल्‍ली हिंसा की घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।”

उन्होंने कहा कि दिल्ली हिंसा के बाद अभी भी 700 से अधिक लोग लापता हैं। दिल्ली में स्थिति ठीक नहीं है। कई लोग बेघर हो गए। नालों से लाश निकल रहे हैं। उन्होंने दिल्ली दंगा को नरसंहार बताते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि इसे हिंसा नहीं, नरसंहार के रूप में प्रचारित करें।

कोरोना वायरस को वैश्विक चिंता करार देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “दिल्‍ली हिंसा में जिन लोगों की मौत हुई है, वे कोरोना वारयरस से नहीं मरे हैं। उन्‍हें बीजेपी ने मारा है। अगर ये लोग कोरोना वायरस से मरे होते तो हम समझ सकते थे कि वे एक ऐसी बीमारी से मरे हैं, जिनका इलाज अभी उपलब्‍ध नहीं है। लेकिन अच्‍छे-खासे लोगों को निर्ममतापूर्वक मार दिया गया। जिंदगियाँ छीन ली गईं। बीजेपी ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। लेकिन उनका अहंकार देखिए। उन्‍होंने इसके लिए माफी तक नहीं माँगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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