Homeदेश-समाजCM कमलनाथ की ‘गाय हाँक योजना' पर ट्विटर ने लिए मज़े

CM कमलनाथ की ‘गाय हाँक योजना’ पर ट्विटर ने लिए मज़े

हर जिले के हिसाब से पशु हाँकने के काम के लिए पद निकाले गए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर कमलनाथ सरकार की इस योजना का जमकर मजाक उड़ाया गया।

मध्य प्रदेश में पढ़े लिखे लोग जल्द ही आपको पशु हाँकते हुए नजर आ सकते हैं। दरअसल, युवा स्वाभिमान योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के बेरोजगारों को सरकार ऐसे काम सिखाएगी। कमलनाथ सरकार की इस युवा स्वाभिमान योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने वाले बेरोजगारों ने पशु हाँकने तक की ट्रेनिंग के लिए अपना नाम लिखवाया है। वहीं बीजेपी ने इसे बेरोजगारों का मज़ाक बताया है। इस योजना में विभिन्न ट्रेड्स में इलेक्ट्रीशियन, अकाउंट्स असिस्टेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, ड्राइवर व फोटोग्राफर के अलावा पशु हाँकने का काम भी शामिल है।

हालाँकि, युवा स्वाभिमान योजना पर कॉन्ग्रेस की तरफ से कहा गया है कि गाय हाँकने का मतलब गाय को भगाना नहीं है, बल्कि गाय का संरक्षण करना है। देखा जाए तो कोई भी काम बड़ा या नहीं होता है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वरोजगार के लिए पकोड़े बनाने वाले का उदाहरण देने पर पकोड़े बनाने वालों का मजाक बनाने वाली यह कॉन्ग्रेस सरकार रोजगार देने के नाम पर बेरोजगारों का मजाक बनाती दिख रही है। गाय हाँकने की यह क्रिएटिव स्कीम बेरोजगारी पर कॉन्ग्रेस की दूरदृष्टि सोच का नतीजा है।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार बेरोजगारों को जल्द ही पशु हाँकने की ट्रेनिंग देगी। प्रदेश शासन के नगरीय विकास और आवास विभाग की युवा स्वाभिमान योजना के तहत पंजीकरण भी शुरू हो चुका है। हर जिले के हिसाब से पशु हाँकने के काम के लिए पद निकाले गए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर कमलनाथ सरकार की इस योजना का जमकर मजाक उड़ाया गया। ट्विटर यूजर्स ने #HaankInIndia के साथ कटाक्ष करने वाले कुछ वीडियो और फोटो शेयर किए थे। लोगों ने इसी के साथ कहा- यह कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की ऐसी योजना है, जिससे गाय भी परेशान हैं।

कमलनाथ सरकार के इस कदम को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मजाक बताया है। पार्टी नेता उमाशंकर गुप्ता ने कहा, “कमलनाथ सरकार ने ऐसा कर बेरोजगारों का मजाक बनाया है। कमलनाथ सरकार, पढ़े-लिखे लोगों से पशु हाँकने का काम क्यों करा रही है?”

देखते हैं लोगों ने किस तरह से प्रतिक्रिया दी हैं –

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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