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जासूसी करते पकड़े गए पाकिस्तानी उच्चायोग के आबिद और ताहिर हुसैन, भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का वक्त

इससे पहले 2016 में पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर के पास से संवेदनशील दस्तावेज मिले थे। पूछताछ के दौरान अख्तर ने खुलासा किया था कि वह पाकिस्तान सेना की बलूच रेजिमेंट से संबंधित था और डेपुटेशन पर पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (ISI) में शामिल हो गया था।।

दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारी जासूसी करते पकड़े गए हैं। इनकी पहचान आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन के तौर पर की गई है। दोनों उच्चायोग के वीजा विभाग में काम करते हैं।

दिल्ली पुलिस ने रविवार (मई 31, 2020) को इन्हें भारत विरोधी गतिविधि में लिप्त होते रंगे हाथों पकड़ा। दोनों को भारत छोड़ने के लिए दो दिनों का वक्त दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि दोनों ने भारतीय नागरिक होने की फर्जी पहचान बना ली थी। हर जगह इसका ही इस्तेमाल करते थे। जल्द ही उन्हें भारत विरोधी गतिविधियाँ करने के आरोप में अवांछित व्यक्ति (Persona-non grata ) घोषित किया जाएगा और दोनों को पाकिस्तान वापस भेज दिया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले 2016 में, पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर के पास से संवेदनशील दस्तावेज मिलने के बाद उन्हें persona non grata घोषित किया गया था।

पूछताछ के दौरान, अख्तर ने खुलासा किया था कि वह पाकिस्तान सेना की बलूच रेजिमेंट से संबंधित था और डेपुटेशन पर पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस (ISI) में शामिल हो गया था। वह सितंबर 2013 से नई दिल्ली के पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात था।

पाकिस्तान के उच्चायुक्त को तत्कालीन विदेश सचिव ने बुलाया और अख्तर की गतिविधियों पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने उसी दिन बदले की नीयत से इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के एक सहायक कार्मिक और वेलफेयर अधिकारी सुरजीत सिंह को persona non grata घोषित कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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