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जनता के लिए जो काम नहीं करेंगे, उन्हें सांसद बनने का हक नहीं: छत्तीसगढ़ में BJP का फैसला और संदेश

छत्तीसगढ़ के वर्तमान सांसदों में कई बड़े नाम भी हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, 6 बार सांसदी जीते रमेश बैस, 4 बार संसद पहुँचे विष्णुदेव, दो-दो बार सांसद रहे कमला देवी और चंदूलाल जैसों के लिए...

जनता और लोकतंत्र के लिए अच्छी ख़बर। भाजपा के छत्तीसगढ़ सांसदों के लिए एक बुरी ख़बर। छत्तीसगढ़ के प्रभारी अनिल जैन के अनुसार राज्य के सभी 10 वर्तमान सांसदों को लोकसभा चुनाव 2019 के लिए टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी नए चेहरों को उम्मीदवार के तौर पर उतारेगी।

बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है लेकिन अनिल जैन की मानें तो पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वर्तमान सांसदों में कई बड़े नाम भी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह भी राजनांदगांव सीट से सांसद हैं। रायपुर से रमेश बैस लगातार छह बार सांसदी जीते हैं। रायगढ़ से विष्णुदेव लगातार चार बार, जांजगीर से कमला देवी और महासमुंद से चंदूलाल दो-दो बार सांसद रहे है।

बड़ा कारण: विधानसभा चुनाव में हार

नए चेहरों को लाकर पार्टी एक तरह का संदेश देना चाहती है – जनता को भी और सांसदों को भी। 2003 से 2018 तक रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने राज्य में शासन किया था। लेकिन 2018 के आखिर में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को बड़ी हार झेलनी पड़ी। ऐसे में सांसदों को लेकर भी वोटरों के मन में कहीं ऐंटी इन्कंबेंसी ना हो, इसलिए भी भाजपा ने नए चेहरों को उतारने का फैसला लिया है।

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद से ही भाजपा यहाँ की 11 लोकसभा सीटों में से 10 सीटें हर बार जीतती आ रही है। प्रत्याशी बनाने के लिए पार्टी ने कई तरह का फीडबैक मंगाया है। एक तरफ जहाँ जनता की राय ली गई है, वहीं सांसदों से भी उनके द्वारा कराए गए कार्यों का ब्योरा मांगा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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