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यूपी में टेरर फंडिंग और रोहिग्याओं की तलाश में ATS की छापेमारी: अब्दुल मन्नान सहित आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार

यूपी आतंकवाद निरोधक दस्ता शाम तक किसी बड़े राज से पर्दाफाश कर सकती है। वहीं इस छापेमारी की भनक एसटीएस ने स्थानीय पुलिस वालों को भी नहीं लगने दी है। यूपी एटीएस अभी पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है।

उत्तर प्रदेश में टेरर फंडिंग और रोहिंग्या निवासियों की तलाश में बुधवार को यूपी ATS ने बड़ी कार्रवाई की है। एटीएस ने संदिग्धों की तलाश में संत कबीर नगर स्थित खलीलाबाद, बस्ती और अलीगढ़ समेत कई जिलों में छापेमारी की है। इस दौरान खलीलाबाद से जेई अब्दुल मन्नान सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध लोगों को ATS ने हिरासत में लिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, यूपी आतंकवाद निरोधक दस्ता शाम तक किसी बड़े राज से पर्दाफाश कर सकती है। वहीं इस छापेमारी की भनक एसटीएस ने स्थानीय पुलिस वालों को भी नहीं लगने दी है। यूपी एटीएस अभी पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है।

एनबीटी के रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह छापेमारी अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को लेकर की गई है। हम फाइनेंस एंगल से भी केस को इनवेस्टिगेट कर रहे हैं। यूपी एटीएस लखनऊ में इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाली है।”

इसके अलावा यूपी एटीएस की एक टीम महाराष्ट्र में भी छापेमारी कर रही है, जिसमें उसकी मदद महाराष्ट्र एटीएस कर रही है। वहीं तेलंगाना में हैदराबाद में भी छापेमारी की खबर है। अभी छापेमारी से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी एटीएस की ओर से साझा नहीं की गई है।

इससे पहले 29 दिसंबर को एटीएस ने गोरखपुर में गोलघर के बलदेव प्लाजा स्थित नईम एंड संस मोबाइल शाप समेत फर्म की दो दुकानों पर छापा मारा था। इस मामले में भी ATS को टेरर फंडिंग, हवाला और देश विरोधी तत्वों की खुफिया जानकारी मिली थी। करीब आठ घंटे से ज्यादा चली इस जाँच में टीम ने दुकान में लगे कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिया था।

गौरतलब है कि यूपी पुलिस की ATS ने दो संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकियों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों के नाम इकबाल और फारुख था। पुलिस ने दोनों आरोपितों के पास से फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड समेत तमाम अन्य दस्तावेज बरामद किए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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