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सिद्धू ने सोनिया गाँधी को लिखा पत्र, पंजाब में कृषि कानून लागू नहीं करने सहित चुनावी घोषणा पत्र के लिए माँगा समय

गौरतलब है कि सिद्धू ने 28 सितंबर को पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था और अपना इस्तीफा ट्विटर पर पोस्ट किया था। वो केवल 72 दिन ही इस पद पर टिक पाए थे।

पंजाब कॉन्ग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी को पत्र लिखकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी के घोषणा-पत्र में शामिल करने 13 सूत्रीय एजेंडा पेश करने के लिए एक बैठक की माँग की है। सिद्धू ने सोनिया गाँधी के साथ व्यक्तिगत मुलाकात की माँग करते हुए कहा कि यह ‘पुनरुत्थान और छुटकारे के लिए’ पंजाब का आखिरी मौका है। सिद्धू ने यह पत्र शुक्रवार (15 अक्टूबर) को लिखा था, जिसे रविवार को उन्होंने ट्वीट किया।

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने मुख्य तौर पर पंजाब मॉडल, बेअदबी के मामलों में न्याय, पंजाब में ड्रग्स का खतरा, कृषि मुद्दा, रोजगार के अवसर, रेत खनन और पिछड़े वर्गों के कल्याण से संबंधित मुद्दों का जिक्र किया है। कॉन्ग्रेस नेता ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को पंजाब में लागू नहीं करने की माँग की है।

सिद्धू चाहते हैं कि पंजाब सरकार कृषि कानून को मानने से इनकार कर दे। इसके अलावा उन्होंने फल, सब्जी, तिलहन और दलहन को एमएसपी के रेट पर खरीदने की माँग की है। नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्य में 24 घंटे सस्ती बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी मुद्दा उठाया।

गौरतलब है कि सिद्धू ने 28 सितंबर को पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था और अपना इस्तीफा ट्विटर पर पोस्ट किया था। वो केवल 72 दिन ही इस पद पर टिक पाए थे। उन्होंने कहा था कि समझौते करने से व्यक्ति का चरित्र खत्म हो जाता है।

इससे पहले उन्होंने इसी हफ्ते दिल्ली में राहुल गाँधी से मुलाकात की थी। सिद्धू की गाँधी से मुलाकात एआईसीसी मुख्यालय में एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और रावत से मुलाकात के एक दिन बाद हुई। सिद्धू की गाँधी से मुलाकात के दौरान रावत भी मौजूद थे। बैठक से बाहर निकलते हुए सिद्धू ने मीडिया से कहा था, “मुझे जो भी चिंताएँ थीं, मैंने उन्हें राहुल जी के साथ साझा किया। उन सभी चिंताओं को सुलझा लिया गया है।” इसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा भी वापस ले लिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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