Homeदेश-समाजदारुल उलूम देवबंद का फतवा: अब CCTV लगाना भी गैर इस्लामी

दारुल उलूम देवबंद का फतवा: अब CCTV लगाना भी गैर इस्लामी

ये पहला मौक़ा नहीं है जब दारुल उलूम देवबंद की ओर से ऐसा अजीब फतवा जारी किया गया। पिछले साल की शुरुआत में ही दारुल ने मस्लिम महिलाओं के चमकीले और चुस्त कपड़े पहनने, नेल पेंट लगाने आदि पर फतवे जारी किए थे।

अपने अजीबो-गरीब फतवों के कारण चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद का सोशल मीडिया पर एक फतवा खूब तेजी से वायरल हो रहा है। इस फतवे में दारूल उलूम देवबंद ने बताया है कि मकान के बाहर बेवजह सीसीटीवी लगाना गैर-इस्लामी है। हालाँकि फतवे में ये भी स्पष्ट किया गया है कि अगर बहुत अधिक जरूरत है तो ऐसी स्थिति में सीसीटीवी लगवाया जा सकता है।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस फतवे के बारे में पूछे जाने पर देवबंदी आलीम ने फतवे का समर्थन किया और बताया कि सोशल मीडिया में जो दारुल उलूम देवबंद का फतवा वायरल हो रहा है, वह लगभग एक साल पुराना है।

इस दौरान दारुल उलूम देवबंद की इफ्ता कमेटी से पूछा गया था कि लोग अपनी दुकान और मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा सकते हैं या नहीं। साथ ही यह भी पूछा गया था कि शरियत इस विषय के बारे में क्या कहती है। इसके जवाब में ही दारुल उलूम देवबंद ने बताया था कि अगर ज्यादा जरूरत है तो सीसीटीवी कैमरा लगाया जा सकता है। लेकिन बिना जरूरत सीसीटीवी कैमरा लगाने की इजाजत शरीयत के अंदर नहीं है।

जी न्यूज की खबर के मुताबिक फतवे में कहा गया है कि मकान और दूकान की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के अलावा कई दूसरे जायज तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं, क्योंकि सीसीटीवी कैमरे लगाने से तस्वीरें कैद होती हैं और इस्लाम धर्म में बिना जरूरत तस्वीरें खिंचवाना सख्त मना है।

गौरतलब है कि ये पहला मौक़ा नहीं है जब दारुल उलूम देवबंद की ओर से ऐसा अजीब फतवा जारी किया गया। इससे पहले भी कई विवादित फतवों के लिए दारुल-उलूम-देवबंद चर्चा में रहा है। पिछले साल 2018 की शुरुआत में ही दारुल ने मस्लिम महिलाओं के चमकीले और चुस्त कपड़े पहनने, नेल पेंट लगाने आदि पर फतवे जारी किए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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