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अमेरिका में ब्रिटिश नागिरक फैसल अकरम ने बनाया था बंधक, भाई ने बताया मानसिक रोगी: ‘लेडी अल-कायदा’ आफिया की रिहाई की कर रहा था माँग

बंधक बनाने वाले की पहचान के बारे में जानने के बाद ब्लैकबर्न मुस्लिम समुदाय ने अपने फेसबुक पेज पर एक बयान जारी किया। इसमें उसने अकरम के लिए 'स्वर्ग के सर्वोच्च पद' के लिए प्रार्थना की। अब यह पोस्ट डिलीट कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में मैनचेस्टर पुलिस ने दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है।

अमेरिका के टेक्सास में यहूदियों के धार्मिक स्थल पर 4 लोगों को कई घंटों तक बंधक बनाए रखने वाले शख्स को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (FBI) ने संदिग्ध की पहचान 44 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक मलिक फैसल अकरम के तौर पर की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह दो हफ्ते पहले अमेरिका आया था। अकरम के भाई ने दावा किया कि वह मानसिक रूप से बीमार था। इस बात की भी जाँच की जा रही है आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद वह अमेरिका में कैसा दाखिल हुआ। वहीं, इस मामले में दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।

अकरम पाकिस्तानी वैज्ञानिक को रिहा करने की माँग कर रहा था। पाकिस्तानी वैज्ञानिक से आतंकवादी बनी आफिया सिद्दीकी अफगान कस्टडी में रहकर अमेरिकी सैन्य अफसरों की हत्या की कोशिश करने के मामले में दोषी पाई गई थी। आफिया अभी टेक्सास की फेडरल जेल में बंद है। इससे पहले, अकरम को अपनी ‘बहन’ से बात करने के लिए कहते सुना गया था, जिससे यह अनुमान लगाया गया था कि वह आफिया के भाई मुहम्मद सिद्दीकी हो सकता है। हालाँकि, आफिया के वकील और उसके सगे भाई ने दावों का खंडन किया।

टेक्सास बंधक संकट पर FBI का बयान

एफबीआई डलास ने इस मामले में एक बयान जारी कर बंधक बनाने वाले की पहचान का खुलासा किया। बयान में उन्होंने कहा, “एफबीआई डलास फील्ड कार्यालय के प्रभारी मैथ्यू डीसार्नो ने आज पुष्टि की कि टेक्सास में लोगों को बंधक बनाने वाले की पहचान ब्रिटिश नागरिक मलिक फैसल अकरम (44) के रूप में गई है।” बयान में आगे कहा गया है कि एविडेंस रिस्पांस टीम (ERT) सिनेगॉग में सबूतों की प्रक्रिया जारी रखेगी।

एफबीआई ने अपने बयान में आगे कहा कि इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि इस घटना में कोई और भी शामिल था, लेकिन यह घटना एक संभावित मकसद को दर्शाती है। अकरम के भाई गुलबर अकरम ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि वह एफबीआई के साथ काम कर रहे थे और गतिरोध के दौरान अपने भाई के साथ ‘संपर्क’ में थे। उन्होंने माफी माँगी और मलिक के कार्यों के लिए ‘मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों’ को जिम्मेदार ठहराया।

मैनचेस्टर में दो किशोर हिरासत में

ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने एक बयान में कहा कि उन्होंने दक्षिण मैनचेस्टर के दो किशोरों को बंधक बनाने की घटना के सिलसिले में हिरासत में लिया है।

ब्लैकबर्न मुस्लिम समुदाय ने अकरम के लिए ‘स्वर्ग के सर्वोच्च पद’ के लिए ‘प्रार्थना’ की

बंधक बनाने वाले की पहचान के बारे में जानने के बाद ब्लैकबर्न मुस्लिम समुदाय ने अपने फेसबुक पेज पर एक बयान जारी किया। इसमें उसने अकरम के लिए ‘स्वर्ग के सर्वोच्च पद’ के लिए प्रार्थना की। अब यह पोस्ट डिलीट कर दिया गया है। इसमें कहा गया था, “फैसल अकरम दुखी होकर इस अस्थायी दुनिया से चले गए और अपने क्रिएटर के पास लौट गए। वह मोहम्मद मलिक अकरम के पुत्र और गुलबर, मलिक, नसर, यासर और गुलजमीर अकरम के भाई थे।”

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस घटना को ‘आतंकवादी कृत्य’ करार दिया है। उल्लेखनीय है कि मलिक फैसल अकरम ने लोगों को बंधक बना लिया था और घटना की सोशल मीडिया पर लाइवस्ट्रीमिंग भी की, जिसमें संदिग्ध व्यक्ति को सिद्दीकी को रिहा करने की माँग करते सुना गया, जिसे अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के अधिकारियों की हत्या के प्रयास के जुर्म में सजा सुनाई गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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