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प्रियंका ने UP की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, पुलिस ने 2 वर्षों में 9225 अपराधियों के आँकड़े से कराया चुप

यूपी पुलिस ने जवाब दिया कि गम्भीर अपराधों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। पिछले 2 वर्षों में 9225 अपराधी गिरफ़्तार हुए और 81 मारे गए हैं। रासुका में प्रभावी कार्रवाई कर लगभग 2 अरब की सम्पत्ति ज़ब्त की गई है। डकैती, हत्या, लूट एवं अपहरण जैसी घटनाओं में अप्रत्याशित कमी आई है।

वैसे तो प्रियंका गाँधी वाड्रा कई मुद्दों पर मौन धारण किए रहती हैं, लेकिन जब उन्हें मोदी सरकार की आलोचना करनी होती है तब वो काफ़ी कड़ा रुख़ अख़्तियार करती नज़र आती हैं। ताज़ा समाचार यह है कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ की क़ानून-व्यवस्था के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला है। 

आज उन्होंने ट्विटर पर यूपी पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए क्राइम न्यूज़ का एक कोलाज शेयर किया और लिखा, “पूरे उत्तर प्रदेश में अपराधी खुलेआम मनमानी करते घूम रहे हैं। एक के बाद एक अपराधिक घटनाएँ हो रही हैं। मगर उ.प्र. भाजपा सरकार के कान पर जूँ तक नहीं रेंग रही।” इसके आगे उन्होंने लिखा कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है? 

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा के इस आरोप को विनम्रता से न लेते हुए, उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उन्हें जवाब दिया।

यूपी पुलिस ने जवाब में लिखा कि गम्भीर अपराधों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। पिछले 2 वर्षों में 9225 अपराधी गिरफ़्तार हुए और 81 मारे गए हैं। रासुका में प्रभावी कार्रवाई कर लगभग 2 अरब की सम्पत्ति ज़ब्त की गई है। डकैती, हत्या, लूट एवं अपहरण जैसी घटनाओं में अप्रत्याशित कमी आई है।

पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाईयों के संदर्भ में अपने अन्य ट्वीट में यूपी पुलिस ने लिखा कि प्रभावी कार्रवाई करने के फलस्वरूप अपराधों में 20-35% की कमी आई है। सभी सनसनीखेज अपराधों का यथासम्भव 48 घंटे में ख़ुलासा हुआ है। प्रभावशाली अपराधियों के विरुद्ध भी कठोर पुलिस कार्रवाई अमल में लाकर क़ानून का राज स्थापित किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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