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आगरा देशद्रोह मामले में तुर्की के टीवी चैनल ने गलत इमेज प्रसारित किया, कश्मीरी छात्र संघ ने ठोका एक करोड़ का मुकदमा

नोटिस में आगे कहा गया है कि जिन छात्रों की इमेज को टीआरटी वर्ल्ड ने दिखाया है वो प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृति योजना के तहत कर्नाटक के हुबली में पढ़ाई कर रहे हैं। नोटिस के मुताबिक, "इन छात्रों को 2020 में नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। अव वो शांति से अपना सामान्य जीवन जी रहे हैं।"

टी20 विश्वकप में पाकिस्तान (Pakistan) की जीत के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) में कुछ मुस्लिम छात्रों द्वारा देशद्रोह (Sedition) के कृत्य के मामले में दूसरे कश्मीरी छात्रों की तस्वीरें शेयर कर तुर्की (Turkey) का टीवी चैनल बुरी तरह फँस गया है। तुर्की का TRT वर्ल्ड चैनल के खिलाफ जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने आगरा देशद्रोह मामले में तीन कश्मीरी छात्रों की फेक इमेज को टेलीकास्ट करने को लेकर सोमवार (28 फरवरी 2022) को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें एक करोड़ रुपए के मुआवजे की माँग की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (Jammu Kashmir student association) ने यह नोटिस वकील आमिर मसूदी के जरिए भेजा है। इसमें TRT चैनल पर छात्रों के शिक्षा, कैरियर और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता नासिर खुहमी का कहना है कि टीआरटी वर्ल्ड ने हाल ही में हुए टी-20 विश्व कप मैच में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के समर्थन में जश्न मनाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छात्रों के तथ्यों की जाँच किए बिना ही न्यूज प्रसारित कर दिया। इतना ही नहीं चैनल ने फेक न्यूज को 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक टेलीकास्ट किया।

TRT वर्ल्ड को जारी की गई नोटिस में आगे लिखा गया, “TRT वर्ल्ड ने जिन तीन कश्मीरी छात्रों तालिब मजीद, बासित अहमद सोफी और आमिर मोहिदीन वानी की इमेज को दिखाया था, ये छात्र वर्तमान में कर्नाटक भारत में पढ़ रहे हैं। उसका दावा है कि ये छात्र देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद हैं। यह दावा पूरी तरह से निराधार, अपमानजनक और मनगढ़ंत है।”

नोटिस में आगे कहा गया है कि जिन छात्रों की इमेज को टीआरटी वर्ल्ड ने दिखाया है वो प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृति योजना के तहत कर्नाटक के हुबली में पढ़ाई कर रहे हैं। नोटिस के मुताबिक, “इन छात्रों को 2020 में नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। अव वो शांति से अपना सामान्य जीवन जी रहे हैं।”

खुहमी ने TRT वर्ल्ड को चुनौती देते हुए बिना शर्त माफी की माँग की है। इसके साथ ही ऐसा नहीं करने पर मानहानि की मुकदमें की चेतावनी भी दी है।

क्या है मामला

गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर 2021 में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान ने भारत को हरा दिया था। इसके बाद आगरा के बिचपुरी स्थित राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी कॉलेज (RBS) के कुछ छात्रों ने पाकिस्तान के सपोर्ट में व्हाट्सएप स्टेटस अपडेट किया था। बाद में अरशद यूसुफ, इनायत अल्ताफ और शौकत अहमद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कॉलेज ने तीनों को निलंबित भी कर दिया। वो फिलहाल जेल में बंद हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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