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IAS नियाज खान पर MP सरकार सख्त, बोले गृहमंत्री- वे लक्ष्मण रेखा लाँघ रहे, जवाब माँगा जाएगा: द कश्मीर फाइल्स पर उगला था जहर

नियाज खान ने एक ट्वीट में कहा था, “द कश्मीर फाइल्स ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है... निर्माताओं को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए एक फिल्म बनानी चाहिए।”

‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले आईएएस अधिकारी नियाज खान की समस्याएँ बढ़ सकती हैं। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार नियाज को नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगी। नियाज खान ने द कश्मीर फाइल्स को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियाँ की थी। इस पर भाजपा के नेता और मंत्रियों ने नाराजगी जाहिर की है। 

गृहमंत्री डा. मिश्रा ने बुधवार (23 मार्च 2022) को मीडिया से चर्चा के दौरान नोटिस जारी करने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि ये गंभीर विषय है। नियाज़ खान मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं। वह अधिकारियों के लिए तय लक्ष्मण रेखा को लाँघ रहे हैं। राज्य सरकार इस संबंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेगी और उनसे जवाब तलब किया जाएगा।

द कश्मीर फाइल्स को लेकर मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी नियाज खान कई दिनों से बयान दे रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा था, “द कश्मीर फाइल्स ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है। उन्हें पूरे सम्मान के साथ कश्मीर में सुरक्षित रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माताओं को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए एक फिल्म बनानी चाहिए। मुसलमान कीड़े नहीं, बल्कि इंसान हैं और देश के नागरिक हैं।”

नियाज खान के इस ट्वीट के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने उनकी आलोचना भी की गई थी। नियाज खान की प्रतिक्रियाओं को लेकर मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग कर चुके हैं। सारंग ने कहा था कि वे लाइमलाइट में आने के लिए टिप्पणियाँ कर रहे हैं। वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने उन्हें नौकरी छोड़कर राजनीति में उतरने की चुनौती दी थी। अब सरकार ने भी उन पर एक्शन लेने का फैसला किया है। इसी कड़ी में अब उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। 

गौरतलब है कि नियाज खान का विवादों से पुराना नाता है। वह पिछले कुछ समय से अपने विवादित ट्वीट के लिए चर्चा में रहे हैं। वो अपने हैंडल से सरकार और सिस्टम की लगातार आलोचना करते रहे हैं। खुद उनके मुताबिक 17 साल की नौकरी में उनके 10 जिलों में 19 बार ट्रांसफर हुआ है। वो इसके पीछे अपने सरनेम खान को वजह बताते हैं। जनवरी 2019 में उन्हें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मीटिंग में प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल द्वारा बाहर कर दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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