Homeरिपोर्टमीडिया'जय श्री राम के नारे से माहौल दूषित हुआ' - इंडिया टुडे की इस...

‘जय श्री राम के नारे से माहौल दूषित हुआ’ – इंडिया टुडे की इस रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर पड़ी लताड़

"हालाँकि दोनों ही समुदायों ने इस बात को स्वीकार किया कि तनाव अब कम हुआ है और स्थिति सामान्य हो रही है लेकिन 'जय श्री राम' के नारे ने रैली को बिगाड़ दिया।"

दिल्ली के हौज़ काजी में मंदिर में तोड़फोड़ मचाई गई। इसमें कई मुस्लिम युवकों का नाम आया। मुस्लिमों ने मंदिर में प्रतिमाएँ विखंडित करने के साथ-साथ वहाँ के परदे को भी जला डाला। संजीव गुप्ता नामक दुकानदार की पिटाई भी की गई। अब माहौल सामान्य होने के बाद मंदिर में वापस से प्राण प्रतिष्ठा की गई है और नई मूर्तियाँ भी आई हैं। इसी क्रम में एकता रैली भी निकाली गई, जिसमें मुस्लिमों के भी भाग लेने की ख़बर है।

इस बीच इंडिया टुडे ने एक ख़बर प्रकाशित की, जिसमें इस एकता रैली और प्राण प्रतिष्ठा के बारे में बताया गया है। इंडिया टुडे ने अपनी इस ख़बर में लिखा है कि मार्च तो शांतिपूर्ण रहा लेकिन ‘जय श्री राम’ के नारे से माहौल बिगड़ा।

क्या किसी कार्यक्रम में ‘जय श्री राम’ का नारा लगने से माहौल दूषित हो जाता है? क्या ‘जय श्री राम’ बोलना आसपास के वातावरण को बिगाड़ देता है? सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इंडिया टुडे से ऐसे कई सवाल पूछे। इंडिया टुडे ने अपनी ख़बर में लिखा था, “हालाँकि दोनों ही समुदायों ने इस बात को स्वीकार किया कि तनाव अब कम हुआ है और स्थिति सामान्य हो रही है लेकिन ‘जय श्री राम’ के नारे ने रैली को बिगाड़ दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -