Friday, July 30, 2021

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Media Hypocrisy

समर्थन ले लो… सस्ता, टिकाऊ समर्थन: हर व्यक्ति, संस्था, आंदोलन और गुट के लिए है राहुल गाँधी के पास झऊआ भर समर्थन!

औसत नेता समर्थन लेकर प्रधानमंत्री बनता है, बड़ा नेता बिना समर्थन के बनता है पर राहुल गाँधी समर्थन देकर बनना चाहते हैं।

कीचड़ मलती ‘गोरी’ पत्रकार या श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग… समाज/मदद के नाम पर शुद्ध धंधा है पत्रकारिता

श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग और जलती चिताओं की तस्वीरें छापकर यह बताने की कोशिश की जाती है कि स्थिति काफी खराब है और सरकार नाकाम है।

जिस भास्कर में स्टाफ मर्जी से ‘सूसू-पॉटी’ नहीं कर सकते, वहाँ ‘पाठकों की मर्जी’ कॉर्पोरेट शब्दों की चाशनी है बस

"भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी" - इस वाक्य में ईमानदारी नहीं है। पाठक निरीह है, शब्दों का अफीम देकर उसे मानसिक तौर पर निर्जीव मत बनाइए।

‘1992 में 100 करोड़ भी नहीं, 2021 आते-आते हजारों करोड़ कैसे? किसी से छिपा नहीं है’: दैनिक भास्कर के पूर्व पत्रकार

"कोई मीडिया हाउस, जो 1992 में 100 करोड़ का भी नहीं था, वह 2021आते-आते हजारों करोड़ का कैसे हो गया, यह किसी से छिपा नहीं है।"

वाह रे दैनिक भास्कर! तुम्हारा काम ‘पत्रकारिता’, इनकम टैक्स का काम ‘बदला’

टैक्स चोरी के आरोपों में कार्रवाई का सामना कर रहा दैनिक भास्कर इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा जैसे उसे कथित निर्भीक पत्रकारिता का 'दंड' दिया जा रहा है।

‘मॉनसून सत्र के 1 दिन पहले सनसनीखेज खबर, संयोग नहीं’: संसद में ‘Pegasus’ पर विपक्ष को मोदी के नए IT मंत्री ने धोया

'Pegasus' जासूसी विवाद पर केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र के ठीक एक दिन पहले इस तरह की खबर का आना संयोग नहीं हो सकता।

‘घटिया रिसर्च, तथ्यों से परे’: संसद के मॉनसून सत्र से पहले मीडिया गिरोह का ‘Pegasus’ प्रलाप, सरकार ने बताया दुर्भावनापूर्ण

मीडिया गिरोह ने इसे 'इनवेस्टिगेटिव आर्टिकल' के रूप में पेश करते हुए दावा किया कि भारत में भी कुछ जजों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं के फोन्स की जासूसी हो रही थी।

हिंदुओं की मौत, चिताएँ… तब दानिश सिद्दीकी के फोटो बिकते थे… अब बिक रहीं उनके अब्बा-परिवार की तस्वीरें ₹23000 में

जैसे ही दानिश सिद्दकी मारा गया, उसके शोक संतप्त परिवार और रिश्तेदारों की तस्वीरें Getty Images पर वस्तुओं की तरह बिकने लगीं।

भारत में कोरोना, पश्चिमी मीडिया की पक्षपाती कवरेज: IIMC का सर्वे- अंतरराष्ट्रीय, आंतरिक राजनीति जिम्मेदार

IIMC के एक सर्वेक्षण में 82% भारतीय मीडियाकर्मियों ने माना कि पश्चिमी मीडिया द्वारा भारत में कोविड-19 की कवरेज पक्षपातपूर्ण रही है।

चिताओं की फोटो पर लिबरल थे निहाल, ‘आखिरी’ फोटो पर जले-भुने: तालिबान ने दानिश को मारा, अब मौत पर पाखंड

तालिबानियों के हाथों मारे गए दानिश सिद्दकी रॉयटर्स के पत्रकार थे। उन्होंने कोविड समय में मृतकों के दाह संस्कार की तस्वीरें खींच कर बेची थीं।

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