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‘NDTV के झाँसे में न फँसें’- गोदरेज के असहिष्णुता राग पर Infosys के पूर्व डायरेक्टर की सलाह

"बिजनेस लीडर्स के साथ यही समस्या है। वे लुटियंस फेक मीडिया के झाँसे में आ जाते हैं और एकाध घटना के आधार पर राय बनाने लगते हैं। क्या बिजनेस लीडर्स को यही करना चाहिए? भारत को गाली देनी चाहिए?"

उद्योगपति अदि गोदरेज ने ‘भारत में बढ़ रहे हेट क्राइम’ को लेकर चिंता जताई है। गोदरेज ने कहा कि बढ़ती असहिष्णुता और मोरल पुलिसिंग के कारण भारत के आर्थिक विकास को गंभीर क्षति पहुँचा सकता है। हालाँकि, गोदरेज ने साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को उनके ‘न्यू इंडिया’ रोडमैप के लिए बधाई दी। मोदी सरकार ने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के लक्ष्य रखा है। अदि गोदरेज ने कहा कि अभी देश में कुछ अच्छा नहीं चल रहा है और सामाजिक स्तर पर कुछ ऐसी चीजें हो रही हैं जो विकास को नुक़सान पहुँचा सकती हैं।

सेंट जेवियर्स कॉलेज की 150वें स्थापना दिवस पर सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा:

“अभी का दृश्य पूरी तरह उज्ज्वल नहीं दिख रहा है। हमें देश में बढ़ रही ग़रीबी को ध्यान में रखना चाहिए, जो हमें हमारी वास्तविक क्षमता को पहचाने की राह में बाधा है। सामजिक अस्थिरता, हेट क्राइम्स, बढ़ती असहिष्णुता, महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार और जाति-धर्म से सम्बंधित हिंसा हमारे देश में अनियंत्रित हो चले हैं। सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए अगर इन्हें नियंत्रित नहीं किया गया तो आर्थिक विकास पर बुरा असर पड़ेगा।”

अदि गोदरेज के इस बयान पर दिग्गज आईटी कम्पनी इनफ़ोसिस के पूर्व निदेशक टीवी मोहनदास पाई ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि एनडीटीवी के प्रोपेगंडा में फँसने से लोगों को बचना चाहिए। जब बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने गोदरेज के बयान को ट्वीट किया, तब मोहनदास पाई ने कहा कि फेक नैरेटिव गढ़ने से पहले आदि गोदरेज को कम से कम आँकड़े देख लेने चाहिए।

मोहनदास पाई ने ट्विटर पर लिखा, “बिजनेस लीडर्स के साथ यही समस्या है। वे लुटियंस फेक मीडिया के झाँसे में आ जाते हैं और एकाध घटना के आधार पर राय बनाने लगते हैं। हम आख़िर इतनी नेगेटिविटी क्यों पैदा कर रहे हैं? क्या बिजनेस लीडर्स को यही करना चाहिए? भारत को गाली देनी चाहिए?” मोहनदास पाई की ट्वीट को सोशल मीडिया पर लोगों ने सराहा और अदि गोदरेज को आड़े हाथों लिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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